नीट प्रदर्शन : छात्रों पर दर्ज सभी केस सुप्रीम कोर्ट ने किए रद्द
गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों के खिलाफ नयी एफआईआर की इजाजत
नीट-यूजी पेपर लीक मुद्दे पर देश भर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गईं सभी प्राथमिकियों को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रद्द कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश दिया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए। अदालत ने पूरे देश के लिए एक नीति बनाने को कहा।
केंद्र सरकार की गुजारिश मानते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस को विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे, गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2873 लोगों के खिलाफ नयी प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत दे दी। फैसले के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कॉकरोच पार्टी ने वापस लिया
5 सितंबर का विरोध मार्च
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी में पांच सितंबर का अपना विरोध मार्च रद्द कर दिया। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास पीठ के सामने पेश हुए और समूह की ओर से एक बयान पढ़कर सुनाया। वहीं, कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे पूर्ण न्याय बताया।

