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Kisan Bachao Padyatra: खनौरी बॉर्डर की ओर बढ़ रहे किसानों को फतेहाबाद पुलिस ने हिरासत में लिया

दातासिंहवाला से जंतर-मंतर तक 228 किलोमीटर की ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ शुरू, 51 किसान होंगे शामिल

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किसानों को फतेहाबाद पुलिस ने हिरासत में लिया
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Kisan Bachao Padyatra: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की ओर से 16 अगस्त को दातासिंहवाला से जंतर-मंतर तक शुरू की गई ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ के बीच खनौरी बॉर्डर की ओर जा रहे कुछ किसानों को फतेहाबाद पुलिस ने हिरासत में लिया है। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी और रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।

उधर, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल और सह-संयोजक कुर्बुरु शांताकुमार के अनुसार, किसान बचाओ पदयात्रा में 51 पदयात्री दातासिंहवाला से दिल्ली के जंतर-मंतर तक करीब 228 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे।

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कार्यक्रम के तहत पदयात्रियों के दातासिंहवाला गांव स्थित गुरुद्वारे के समीप हाल (सरा पत्ती) में सुबह 11 बजे पहुंचने का कार्यक्रम था। दोपहर 12:30 बजे अरदास-प्रार्थना और 12:45 से दोपहर 2 बजे तक सभा रखी गई। इसके बाद दोपहर 2 से 3 बजे के बीच 51 पदयात्रियों द्वारा शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी लेकर आने का कार्यक्रम तय किया गया। दोपहर 3 बजे पदयात्रा शुरू की गई।

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पदयात्रा के उझाना गांव के मुख्य अड्डे पर शाम करीब 4:45 बजे पहुंचने और वहां स्वागत किए जाने का कार्यक्रम है। इसके बाद बेलरखा गांव में पदयात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।

किसान संगठनों के अनुसार, पदयात्रा का उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचना है। आयोजकों ने 51 मुख्य पदयात्रियों के अलावा छह अतिरिक्त किसानों को भी तैयार रखा है, ताकि किसी पदयात्री के मेडिकल या अन्य आपात स्थिति के कारण कार्यक्रम से हटने पर उसकी जगह दूसरा किसान पदयात्रा में शामिल हो सके।

पदयात्रा में शामिल होने वाले किसानों में जगजीत सिंह डल्लेवाल, राजबीर सिंह, गुलाब राजपूत, हर्षदीप सिंह, बलदेव संदोहा, दिनेश शर्मा, नितिन बालियान, अभिमन्यु कोहाड़, वीरेंद्र खोखर, शेरा बेनीवाल, शमशेर कुंडू, विनोद कुमार, जसविंदर सिंह, सुरेश पानू, मनोज भनवाला, हँसबीर खरब, जयप्रकाश हलालपुर, सुशील बूरे, सुंदर सिंह, मनोज जागलान, अमरीक सिंह, संदीप सिंह, गुरजिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, बलजीत सिंह, गुलाब सिंह, परमवीर सिंह, राजिंदर सिंह, सेलु राम, शमशेर मलिक, रामकिशन सिसाय, बिजेंद्र गाहल्याण, दीपक मलिक, रामकुमार शर्मा, सुशांत राठी, मनोज राजपूत, जगबीर सिंह सिरोही, कैलाश चंद त्यागी, रंजीत सिंह, सोनवीर चौधरी, लखविंदर सिंह, जसविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, गुरदीत सिंह, सुखवंत सिंह, बलबीर सिंह, गुरमेल सिंह, सुखरण सिंह, हरभजन शर्मा, हरकीरत सिंह, गुरबाज सिंह, मनदीप सिंह, सरदूल सिंह, किताब सिंह, दानिश चौहान, सुपेन्द्र सिंह और जोधा सिंह के नाम शामिल हैं।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सूची में 51 से अधिक नाम इसलिए रखे गए हैं ताकि आपात स्थिति में अतिरिक्त पदयात्री मुख्य दल की जगह पदयात्रा जारी रख सकें।

किसानों की जींद प्रशासन के साथ गुप्त वार्ता शुरू

काका सिंह कोटड़ा राज्य सचिव बीकेयू एकता सिदुपुर की अध्यक्षता में 5 आदमी उपायुक्त जींद व पुलिस अधीक्षक जींद से बातचीत करने के लिए पहुंचे हैं।

1- गुरमेल सिंह पंजाब इंडियन फार्मर संगठन।

2- इंद्रजीत सिंह पनी वाला राज्य अध्यक्ष बीकेयू एकता सिद्धपुर राजस्थान।

3- बलदेव सिंह सिरसा

4- सुखदेव सिंह भोजराज राज्य अध्यक्ष किसान जवान भलाई यूनियन पंजाब।

5- गुरमेल सिंह राज्य सचिव बीकेयू भैरो गुट

शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी उठाई

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में सीमित संख्या में किसान पैदल दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। डल्लेवाल ने किसान आंदोलन के दौरान मरे शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी भी उठाई। शुभकरण सिंह पंजाब के बठिंडा जिले के बल्लो गांव के युवा किसान थे और 2020-21 के किसान आंदोलन में भी शामिल हुए थे। फरवरी 2024 में MSP की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों के दिल्ली कूच के दौरान वह 13 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पहुंचे थे। 21 फरवरी को किसानों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव के दौरान शुभकरण गंभीर रूप से घायल हुए और पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉट्रम में उनके सिर में धातु के छर्रे मिले थे। उनकी मौत के बाद किसान संगठनों ने इसे आंदोलन के दौरान हुई मौत बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। 28 फरवरी को पंजाब पुलिस ने उनके पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की और 29 फरवरी को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। शुभकरण की मौत के बाद किसान संगठनों ने उन्हें आंदोलन का शहीद माना और खनौरी बॉर्डर पर उनकी याद में शहीदी स्थल बनाया।

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