Khawaja Asif Statement: अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया... अफगान युद्ध पर बड़ी स्वीकारोक्ति
Khawaja Asif Statement: नेशनल असेंबली में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा बयान
Khawaja Asif statement: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में एक अहम बयान देते हुए स्वीकार किया कि अतीत में अमेरिका के साथ गठजोड़ करना पाकिस्तान की बड़ी गलती थी। खासकर अफगान युद्धों के दौरान लिए गए फैसलों को उन्होंने देश के लिए नुकसानदेह बताया।
आसिफ ने कहा कि अमेरिका ने अपने रणनीतिक हित पूरे होने तक पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और बाद में उसे छोड़ दिया। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के साथ “टॉयलेट पेपर से भी बदतर व्यवहार” किया गया।
‘मिलिटेंसी को समर्थन से हुआ दीर्घकालिक नुकसान’
रक्षा मंत्री ने माना कि पाकिस्तान अक्सर अतीत में उग्रवाद को समर्थन देने की भूमिका से इनकार करता रहा है, लेकिन इस इनकार ने देश को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचाया। उनके अनुसार, आज पाकिस्तान में आतंकवाद की जो स्थिति है, वह पूर्व सैन्य शासकों की नीतियों का परिणाम है।
दो अफगान युद्धों में शामिल होना बताया गलती
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान का दो अफगान युद्धों में शामिल होना, विशेषकर 9/11 हमलों के बाद अमेरिका का साथ देना और तालिबान के खिलाफ मोर्चा लेना, एक बड़ी रणनीतिक भूल थी। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अफगानिस्तान से हट गया, तब पाकिस्तान हिंसा, कट्टरपंथ और आर्थिक संकट का सामना करता रह गया।
‘जिहाद के नाम पर लोगों को भेजना भ्रामक’
रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने अफगान युद्धों में धार्मिक कारणों से भागीदारी नहीं की। उन्होंने कहा कि लोगों को ‘जिहाद’ के नाम पर लड़ने भेजा गया, जो भ्रामक और हानिकारक था।
पूर्व सैन्य शासकों पर आरोप
आसिफ ने पूर्व सैन्य शासकों जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने एक महाशक्ति को खुश करने के लिए फैसले लिए, न कि इस्लाम या राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन दौर में शिक्षा प्रणाली में वैचारिक बदलाव किए गए, जिनके प्रभाव आज भी मौजूद हैं।रक्षा मंत्री ने माना कि इन नीतियों से पाकिस्तान को जो नुकसान हुआ, उसकी पूरी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
Khwaja Asif admits in Parliament that Pakistan rented itself out to the U.S. for war and was later discarded “like toilet paper”. Afghanistan was destroyed by policies now openly acknowledged in parliament. Millions suffered. Generations were lost. The world cannot look away now… pic.twitter.com/aEQjrm16ME
— Mariam Solaimankhil (@Mariamistan) February 10, 2026

