खामेनेई खत्म, जंग तेज
अमेरिका-इस्राइल का हमला : ईरान के सर्वोच्च नेता के रिश्तेदारों, रक्षा मंत्री, शीर्ष सैन्य कमांडर की भी मौत
इस्राइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (86) की मौत हो गयी। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन दागे। रात तक हमले जारी रहे।
ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि तेहरान के मध्य क्षेत्र में उनके परिसर को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया। ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद पकपोर और शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी की भी मौत हो गयी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि खामेनेई के कई रिश्तेदार भी इस हमले में मारे गए, जिनमें उनकी एक बेटी, दामाद, बहू और एक पोता/पोती शामिल हैं। इस्राइल ने दावा किया कि उसने ईरान के रक्षा मंत्री और ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव को भी मार दिया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ईरानी राजनयिक ने कहा कि हमलों में सैकड़ों नागरिक मारे गए और घायल हुए।
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक मारा जा चुका है। ट्रंप ने इसे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में वापस लेने का सबसे बड़ा मौका बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि ‘भारी और सटीक बमबारी’ जारी रहेगी।
यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ द्वारा ली गयी सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखायी दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है।
ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि खामेनेई के कार्यालय में हुई उनकी मौत यह दिखाती है कि वह लगातार जनता के बीच खड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में आगे रहे।
गौर हो कि अयातुल्ला अली खामेनेई के पास दशकों तक सत्ता में रहते हुए सभी प्रमुख नीतियों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार था। वह ईरान के धार्मिक प्रतिष्ठान और अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड का नेतृत्व करते थे, जो देश की सत्ता के दो प्रमुख केंद्र हैं।
अमेरिका ने इस घातक हमले को यह कहते हुए उचित ठहराया कि यह ईरान की परमाणु क्षमताओं को निष्क्रिय करने के लिए आवश्यक है।
बदले की धमकी
ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी। ईरान के मंत्रिमंडल ने कहा कि इस ‘घोर अपराध का जवाब जरूर दिया जाएगा।’ रिवोल्यूशनरी गार्ड ने ‘अब तक का अपना सबसे भीषण आक्रामक अभियान’ शुरू करने की धमकी दी।
कहीं खुशी, कहीं गम
खामेनेई की मौत से ईरान के शोकाकुल लोगों ने शिया मुसलमानों के प्रमुख तीर्थस्थल इमाम रजा दरगाह पर काला झंडा फहराया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। ईरानी सरकार ने 40 दिनों के सार्वजनिक शोक और सात दिनों के राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। वहीं, तेहरान में कुछ लोगों ने खुशी मनाई। तेहरान में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ लोग छतों से नारे लगा रहे थे, सीटी बजा रहे थे और खुशी व्यक्त कर रहे थे।
नयी परिषद ने संभाला काम
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद एक नयी परिषद ने अपना काम शुरू कर दिया है। परिषद में पेजेशकियान के अलावा न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेही और अयातुल्ला अली रजा अराफी हैं।
विदेशी हवाई अड्डों पर फंसे सैकड़ों भारतीय
पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे सैकड़ों भारतीय दुबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इनमें से कई लोग सोशल मीडिया पर सरकार से सहायता की अपील कर रहे हैं। ऐसे यात्रियों में शामिल पंजाब के बठिंडा के ‘एसएसडी गर्ल्स कॉलेज’ की प्रधानाचार्य नीरू गर्ग परिवार सहित शारजाह में फंस गई हैं, जहां उनके पास न तो नकद पैसा है और न ही आवश्यक दवाइयां। गर्ग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनकी तरह कई भारतीय हवाई अड्डे पर फंसे हैं। वीजा खत्म होने के कारण वह बाहर भी नहीं जा पा रहे। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल सहायता की अपील करते हुए बताया कि लोगों को परेशान किया जा रहा है, रहने का कोई इंतजाम नहीं है, कई लोग बीमार हैं, उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही।
दुबई हवाई अड्डे के पास धमाका, सिंधू सुरक्षित
ईरान के मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देशों के कुछ हिस्सों में धमाके हुए। दुबई हवाई अड्डे के पास भी धमाका हुआ, जहां भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू और उनके इंडोनेशियाई कोच, उड़ानें रद्द होने के कारण फंसे हुए हैं। सिंधू ने दुबई हवाई अड्डे पर स्थिति को तनावपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा, ‘दुबई हवाई अड्डे पर हम जहां छिपे हुए थे, उसके बहुत पास धमाका हुआ। इतने पास से ऐसा कुछ महसूस करना सच में दिल दहला देता है।’ सिंधू के कोच ने कहा कि वह बाल-बाल बचे।
कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर झड़प, 10 मरे
कराची (एजेंसी) : ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इसमें 10 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। सिविल अस्पताल की प्रवक्ता ने बताया कि कुछ शवों पर गोली के निशान हैं। इस्लामाबाद और लाहौर में भी विरोध प्रदर्शन हुए।

