Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

US Consulate Attack : कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर भारी हिंसा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 10 की मौत

खामेनेई की मौत के विरोध में उग्र हुआ प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में रविवार को भारी हिंसा भड़क गई। शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (Consulate) के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खूनी झड़प हुई। इस हिंसा में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का पथराव, पुलिस की हवाई फायरिंग

शिया संगठनों ने खामेनेई की मौत के विरोध में अमेरिकी दूतावास तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ दूतावास के करीब माई कोलाची रोड पर पहुंची, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग की। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया।

Advertisement

एधी सूचना केंद्र (Edhi Information) के अनुसार, फायरिंग और मची भगदड़ के दौरान 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में एमटी खान रोड पर भारी पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

Advertisement

प्रशासन सख्त: 'कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई'

सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कराची के एडिशनल आईजी से तत्काल रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। गृह मंत्री ने संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने और प्रदर्शन के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने आगे कहा, "कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" प्रशासन ने आम नागरिकों को फिलहाल दूतावास के आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।

क्यों भड़का आक्रोश?

उल्लेखनीय है कि 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई शनिवार को ईरान पर हुए एक हमले में मारे गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मौत की घोषणा की थी, जिसकी पुष्टि बाद में ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी कर दी। इसी घटना के विरोध में कराची सहित दुनिया के कई हिस्सों में शिया समुदाय सड़कों पर उतर आया है।

Advertisement
×