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Aviation News : दुबई और दोहा में उड़ानें ठप, सुरक्षित निकलने के लिए रईस चुका रहे करोड़ों रुपये

खाड़ी क्षेत्र तक फैल चुके ईरान युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। युद्ध की विभीषिका के बीच हजारों यात्री अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। जहां आम लोग उड़ानों के दोबारा शुरू होने...

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सांकेतिक फाइल फोटो। रॉयटर्स
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खाड़ी क्षेत्र तक फैल चुके ईरान युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। युद्ध की विभीषिका के बीच हजारों यात्री अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। जहां आम लोग उड़ानों के दोबारा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं संपन्न यात्री भारी भरकम रकम चुकाकर उन सुरक्षित हवाई अड्डों के जरिए यूरोप निकल रहे हैं, जो ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों की जद से बाहर हैं।

चार्टर विमानों की मांग में भारी उछाल

पिछले सप्ताहांत जंग छिड़ने के बाद दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते चार्टर (निजी) विमानों की मांग अचानक आसमान छूने लगी है। कुछ संपन्न लोग सुरक्षित निकलने के लिए दो लाख यूरो (करीब 1.90 करोड़ भारतीय रुपये या 2.32 लाख अमेरिकी डॉलर) तक चुकाने को तैयार हैं।

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फ्रांस की निजी विमानन कंपनी 'जेट-वीआईपी' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्ताय कुला ने बताया, "मांग इतनी अधिक है कि हम जरूरत के मुताबिक विमान उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। सामान्य दिनों में रियाद से पुर्तगाल तक निजी जेट का किराया लगभग एक लाख यूरो होता था, जो अब दोगुना हो चुका है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि जोखिम और परिचालन लागत के कारण है।

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सड़क मार्ग से सुरक्षित ठिकानों की तलाश

कभी सुरक्षित और शानदार ठिकाने के रूप में पहचाने जाने वाले दुबई से अब लोग जल्द से जल्द निकलना चाहते हैं। कई यात्री सड़क मार्ग से करीब चार घंटे की दूरी तय करके मस्कट (ओमान) या फिर 10 घंटे की दूरी पर स्थित सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंच रहे हैं। वहां पहुंचकर वे उपलब्ध गिनी-चुनी वाणिज्यिक उड़ानों या चार्टर विमानों में जगह तलाश रहे हैं।

सुरक्षा के लिए भारी-भरकम खर्च

रियाद और मस्कट जैसे चालू हवाई अड्डों तक पहुंचने के लिए यात्री निजी सुरक्षा कंपनियों की सेवाएं भी ले रहे हैं। ये कंपनियां साधारण कारों से लेकर बड़ी कोच बसों तक में उनके परिवहन का इंतजाम कर रही हैं। ब्रिटेन की सुरक्षा कंपनी 'अल्मा रिस्क' के निदेशक इयान मैककॉल के अनुसार, भारी यातायात के कारण ओमान की सीमा चौकियों पर चार घंटे तक का वेटिंग टाइम चल रहा है और इस पूरी व्यवस्था की लागत हजारों डॉलर में पहुंच रही है।

'विमाना प्राइवेट जेट्स' के अमीर नाराण ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से यूरोप की उड़ानों के लिए कीमतें 1.5 लाख यूरो से लेकर 2 लाख यूरो तक पहुंच चुकी हैं, जो प्रस्थान स्थल और मार्ग की पाबंदियों पर निर्भर करती हैं।

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