Iran-US Conflict : ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी बम... ट्रंप की नई चेतावनी- खाड़ी में और बिगड़ सकते हैं हालात
होर्मुज से तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा, ईरान-अमेरिका के संघर्ष से बढ़ी दुनिया की टेंशन
Iran-US Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इन हमलों ने उस उम्मीद को झटका दिया है कि पिछले सप्ताह हुई गोलीबारी किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत नहीं थी। ताजा हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, वहीं वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता गहराने लगी है।
जुलाई के बाद अमेरिका का बड़ा सीधा हमला
अमेरिकी हमले जुलाई के बाद ईरान पर किए गए पहले सीधे हमलों के तौर पर सामने आए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ IRGC की हालिया गतिविधियों के जवाब में की गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर
इस पूरे घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे अहम केंद्र बन गया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान की ओर से जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दिए जाने और जलडमरूमध्य से निकल रहे दो टैंकरों पर हमले की खबरों के बीच तेल की कीमतों में पहले ही तेजी देखने को मिली थी। अगर यहां तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया के कई देशों में तेल की सप्लाई और कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान ने भी अपनाया सख्त रुख
तेहरान ने अमेरिका के ताजा हमलों के बीच अपना रुख और कड़ा कर दिया है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र से तेल निर्यात रोकने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई की स्थिति में ईरान के खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ की धमकी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी संकेत दिया है कि वाशिंगटन ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
केशम द्वीप पर धमाकों की खबर
ईरान के सरकारी प्रसारक के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तरी किनारे पर स्थित केशम द्वीप पर विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। ताजा घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ गया है और पूरी दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

