Iran-US Conflict : हमारी सीमा में गिर सकती है मिसाइल... इजराइल ने जारी किया अलर्ट, ईरान-अमेरिका संघर्ष ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
ईरान का अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमला, इजराइल ने चेताया कि ईरानी मिसाइल उसके क्षेत्र में गिर सकती हैं
Iran-US Conflict : अमेरिका ने रविवार को ईरान में हवाई हमले किए। वहीं ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ दागी गई मिसाइल के कारण संघर्ष के पड़ोसी देश इजराइल तक फैलने का खतरा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि ताजा हमलों में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाया गया और यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई। पिछले महीने हुए अस्थायी समझौते के विफल होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई सैन्य झड़पों से संघर्ष और तेज हो गया है।
यह अभियान अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष से हुई थी। अमेरिका ने ईरान में पुलों, बिजली प्रतिष्ठानों और अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है, जबकि तेहरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की है। कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने रविवार सुबह फिर से अपनी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दीं और ईरानी ड्रोन तथा मिसाइल के आने की चेतावनी जारी की। इजराइल ने चेतावनी दी कि संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद जॉर्डन की ओर दागी गई ईरानी मिसाइल पहली बार उसके क्षेत्र में गिर सकती है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने अपने बयान में कहा कि उसने "ईरानी सैन्य तटीय निगरानी और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों, समुद्री क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों" को निशाना बनाया। उसने कहा कि हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नियंत्रण क्षमता को कमजोर करना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को जवाब देना था, जो ईरान की सत्ता व्यवस्था में एक प्रमुख शक्ति है और बैलिस्टिक मिसाइल के भंडार को नियंत्रित करता है। अमेरिकी सेना द्वारा जारी फुटेज में लड़ाकू विमानों और समुद्र से दागी गई टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से किए गए हमले दिखाई दिए। एक लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्र की घाटी में स्थित प्रतीत हुआ। रिवोल्यूशनरी गार्ड अक्सर पहाड़ी इलाकों में मिसाइल अड्डे और सैन्य उपकरण छिपाकर रखता है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के हवाले से बताया कि रविवार सुबह हुए अमेरिकी हमलों में दक्षिण-पश्चिम ईरान में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण स्थल को निशाना बनाया गया। प्लैनेट लैब्स पीबीसी की उपग्रह तस्वीरों के अनुसार, डार्खोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के प्रस्तावित स्थल पर नौ जुलाई तक केवल जमीन साफ करने का काम हुआ था और बहुत कम निर्माण हुआ था। इस स्थल पर किसी रेडियोधर्मी सामग्री की मौजूदगी की जानकारी नहीं है।

