Middle East Tension : ईरान ने इजराइल पर दागीं एक दर्जन मिसाइलें, लेबनान से भी रॉकेट हमला; ट्रंप के शांति दावों के बीच बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा- ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत और भेजी 'सौगात', तेहरान ने नकारा
Middle East Tension : पश्चिम एशिया में कूटनीति और युद्ध के मोर्चे पर विरोधाभासी स्थितियां पैदा हो गई हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गया है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि ईरान ने इजराइल पर एक दर्जन मिसाइलें दाग दी हैं। लेबनान की ओर से हुए रॉकेट हमलों में इजराइल में एक महिला की मौत की भी खबर है, जो इस मोर्चे पर युद्ध के दौरान पहली नागरिक मृत्यु है।
ट्रंप का दावा बनाम ईरान का हमला
राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि ईरान अब समझौता करने का इच्छुक है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक "महत्वपूर्ण सौगात" (तेल व गैस से संबंधित) भेजी है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने बी-2 बमवर्षक विमानों के जरिए ईरान की परमाणु क्षमता को लगभग नष्ट कर दिया है। हालांकि, इन दावों के बीच ईरान ने इजराइल पर सीधा मिसाइल हमला कर तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
लेबनान से हमला और इजराइल की जवाबी कार्रवाई
मिसाइल हमलों के साथ-साथ लेबनान के आतंकवादियों ने भी इजराइल पर रॉकेट दागे हैं। इजराइल ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के "उत्पादन स्थलों" पर व्यापक हमले किए हैं। ईरान के इन हमलों के कारण लाखों इजराइली नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
इस बीच, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, ईरानी सैन्य नेतृत्व ने "पूरी तरह जीत" हासिल होने तक लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

