Iran-Israel/US Ceasefire : शांति प्रयासों को झटका, तेहरान ने अमेरिका से वार्ता पर किया साफ इनकार
ईरान को युद्धविराम प्रस्ताव मिला लेकिन तेहरान ने अमेरिका के साथ वार्ता के विचार को खारिज किया
Iran-Israel/US Ceasefire : ईरान को युद्धविराम के संबंध में अमेरिका की ओर से पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजा गया 15-सूत्री प्रस्ताव मिल गया है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह प्रस्ताव ऐसे समय भेजा गया जब अमेरिका ने पश्चिम एशिया में पहले से ही तैनात मरीन की एक टुकड़ी की सहायता के लिए पैराट्रूपर को भेजना शुरू कर दिया था। ईरान की सेना ने अमेरिका के कूटनीतिक प्रयासों का मजाक उड़ाया और इजराइल और फारस की खाड़ी क्षेत्र में बुधवार को और हमले किए।
इनमें से एक हमले के कारण कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भीषण आग लग गई और आसमान में काला धुआं फैल गया। पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि ईरान को युद्धविराम के संबंध में अमेरिका का 15-सूत्री प्रस्ताव मिल गया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को व्यापक रूप से, प्रतिबंधों में राहत, असैन्य परमाणु सहयोग, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोके जाने, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा निगरानी और फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने होर्मुज जलडमरूमध्य से पोतों के आवागमन से संबंधित बताया।
इन विवरणों को सार्वजनिक करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण अधिकारियों ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' (एपी) को यह जानकारी अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर दी। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित कर दिया है जिसके कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो गया है। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक ''महत्वपूर्ण सौगात'' भेजी है।
ट्रंप ने मंगलवार को 'ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ईरान ''समझौता करने'' का इच्छुक है। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं। ट्रंप ने नए गृह मंत्री के रूप में मार्कवेन मुलिन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा कि मैं पहले से यह नहीं कहना चाहता लेकिन वे इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं रखेंगे। ईरानी नेतृत्व ने होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की आपूर्ति से जुड़ी एक ''महत्वपूर्ण सौगात'' अमेरिका को दी है। तो मेरे लिए इसका एक ही मतलब है कि हम सही लोगों से बातचीत कर रहे हैं। नहीं, यह (तोहफा) परमाणु हथियार से जुड़ा नहीं है। यह तेल और गैस से जुड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया गया है। हमने उन्हें तबाह कर दिया। उनकी परमाणु क्षमता को बिल्कुल तबाह कर दिया। अगर हमने हमला नहीं किया होता तो उस हमले के दो हफ्ते बाद उनके पास परमाणु हथियार होता। वे निश्चित रूप से उसका इस्तेमाल करते और वे उसका इस्तेमाल इजराइल समेत पूरे पश्चिम एशिया में करते। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने युद्धविराम समझौते से जुड़े अमेरिकी प्रयासों का बुधवार को मजाक उड़ाया जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 सूत्री योजना के सफल होने की कोई संभावना है।
ईरान की नियमित सेना और अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड की संयुक्त रूप से कमान संभालने वाले 'खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने 15-सूत्री योजना को मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपे जाने के बाद यह टिप्पणी की। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारी इस योजना पर ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं लेकिन सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में जुल्फाघारी ने इस बात का संकेत दिया कि कोई बातचीत नहीं हो रही। क्या आपके आंतरिक मतभेद इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?
जुल्फाघारी ने कहा, ''पहले दिन से ही हमारी पहली और आखिरी बात यही रही है और यही रहेगी : हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। न अभी, न कभी।'' एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि 15 सूत्री युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया जब अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। सबसे पहले 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने यह खबर दी थी कि योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है।

