Iran Economy Crisis : ईरान में आर्थिक संकट पर भड़का जनआक्रोश, हिंसक प्रदर्शनों में सात की मौत
ये विरोध प्रदर्शन वर्ष 2022 के बाद ईरान में सबसे बड़े बन गए हैं, जब पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद देशभर में व्यापक प्रदर्शन भड़क उठे थे
Iran Economy Crisis : ईरान में खराब होती अर्थव्यवस्था के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। गुरुवार को राजधानी से बाहर फैले इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
इन घटनाओं से संकेत मिलते हैं कि सरकार आंदोलन को सख्ती से दबाने के मूड में है, जबकि प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। राजधानी तेहरान में प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमे जरूर पड़े हैं, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में असंतोष और तेज होता जा रहा है।
बुधवार को दो और गुरुवार को पांच लोगों की मौत चार अलग अलग शहरों में हुई। इन शहरों में लूर जातीय समुदाय की आबादी अधिक बताई जा रही है। आर्थिक संकट के खिलाफ सबसे ज्यादा हिंसा लोरेस्टान प्रांत के अजना शहर में देखने को मिली। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़कों पर जलती वस्तुएं, गोलियों की आवाजें और गुस्साए लोगों के नारे साफ सुने जा सकते हैं। लोग ‘बेशर्म, बेशर्म’ चिल्लाते नजर आए।
अर्धसरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने तीन लोगों के मारे जाने की सूचना दी है। सुधार समर्थक मीडिया संस्थानों सहित अन्य मीडिया ने भी फ़ार्स के हवाले से घटनाओं का उल्लेख किया है।
2022 के बाद से यह सबसे बड़ा आंदोलन
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन वर्ष 2022 के बाद ईरान में उभरा सबसे बड़ा जनआंदोलन माना जा रहा है। 2022 में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। मौजूदा हालात बताते हैं कि आर्थिक बदहाली एक बार फिर ईरान में सामाजिक और राजनीतिक उथल पुथल को हवा दे रही है।

