Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

भारतीय IT कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन... H-1B और L-1 वीजा एक्सटेंशन अब होगा महंगा, अमेरिका ने तय की 4,000 डॉलर की फीस

अमेरिका ने H-1B और L-1 वीजा पर बदला नियम,

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सांकेतिक फाइल फोटो।
Advertisement

H1B Visa Extension : अमेरिका ने सोमवार को नये नियम जारी किए, जिनके तहत बड़े नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के एच-1बी और एल-1 वीजा के विस्तार के लिए क्रमश: 4,000 और 4,500 अमेरिकी डॉलर का शुल्क अदा करना होगा। अभी तक यह शुल्क केवल शुरुआती एच-1बी और एल-1 आवेदनों या आवेदक के नौकरी बदलने की स्थिति में ही लागू होता था। भारत की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा और परामर्श प्रदाता कंपनियां 'ऑनशोर-ऑफशोर' (देश के भीतर और विदेश से काम करने वाले) कर्मचारी मॉडल अपनाती हैं, इसलिए वे बदले हुए नियम के दायरे में आ जाएंगी।

अमेरिकी गृह विभाग ने कहा कि '9-11 प्रतिक्रिया और बायोमेट्रिक प्रवेश-निकास शुल्क' नौ सितंबर से लागू होगा। उसने कहा कि यह शुल्क अमेरिका में 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले उन नियोक्ताओं पर लागू होगा, जिनके 50 फीसदी से अधिक कर्मचारी एच-1बी या एल-1 गैर-प्रवासी वीजा धारी हैं। जानकारों के मुताबिक, इस नियम के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में एच-1बी और एल-1 वीजाधारी कर्मचारियों वाली प्रौद्योगिकी कंपनियों, वैश्विक परामर्श फर्म, आईटी सेवा प्रदाताओं, बहुराष्ट्रीय नियोक्ताओं और अन्य संस्थाओं के लिए आव्रजन प्रायोजन की लागत बढ़ सकती है।

Advertisement

उन्होंने बताया कि जो संस्थान एक ही कर्मचारी की वीजा अवधि बार-बार बढ़ाने का अनुरोध करेंगे, उन्हें अब अतिरिक्त आवेदन लागत का सामना करना पड़ेगा। गृह विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे संशोधित आवेदन बढ़े हुए शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे, जिनमें विस्तार का अनुरोध नहीं किया गया है। विभाग का अनुमान है कि इस प्रशासनिक अंतर को दूर करने और प्रत्येक विस्तार आवेदन पर 4,000 से 4,500 अमेरिकी डॉलर शुल्क वसूलने से सालाना लगभग 15.73 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त होगा।

Advertisement

अधिकारियों ने बताया कि इस राजस्व का इस्तेमाल कानून के तहत अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग के हवाई और समुद्री बायोमेट्रिक प्रवेश-निकास प्रणाली के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। यह एक स्वचालित बायोमेट्रिक निगरानी ढांचा है, जिसे प्रशासन के राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देशों के तहत प्राथमिकता दी गई है। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ने दिसंबर 2015 में पहले से लागू एक अतिरिक्त शुल्क की जगह यह नया शुल्क शुरू किया था। इस राशि का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के तहत अनिवार्य किए गए बायोमेट्रिक प्रवेश-निकास कार्यक्रमों को समर्थन देना था।

Advertisement
×