कुरुक्षेत्र में लगेगा हरियाणा का सबसे बड़ा पशुधन मेला
1500 पशुओं की एंट्री, 50 लाख के अवार्ड, रैम्प शो होगा बड़ा आकर्षण, 6 से 8 फरवरी तक चलेगा पशु मेला, तीनों दिन होगी पशुओं की मैगा प्रदर्शनी
हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग इस बार 41वीं राज्य पशु प्रदर्शनी को एक नए और आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत करने जा रहा है। 6 से 8 फरवरी तक कुरुक्षेत्र के केडीबी मेला मैदान में आयोजित होने वाली यह प्रदर्शनी न सिर्फ राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने को तैयार है। तीन दिनों की इस मेगा प्रदर्शनी में लगभग 1500 उत्कृष्ट नस्लों के पशु अपनी दमखम, बनावट और उत्पादन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
6 फरवरी को मेले का शुभारंभ हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे। 7 फरवरी को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि होंगे। 8 फरवरी को समापन समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विजेता पशुपालकों को पुरस्कार वितरित करेंगे। विभाग के अनुसार, इस बार पशुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, जिससे प्रतिस्पर्धा और रोचक होने की उम्मीद है।
प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों - गाय, भैंस, बैल, बकरी, भेड़ और अन्य पशुधन में जीतने वाले पशुओं के मालिकों को कुल लगभग 50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह पुरस्कार राशि पशुपालकों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर नस्ल और वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन करने की प्रेरणा भी देगा। प्रतियोगिताओं के लिए प्रदेश के हर जिले से बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, जिससे मेले में भीड़ और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की संभावना है।
पशु रैम्प शो बनेगा मेले की शान
इस बार प्रदर्शनी में पहली बार अनोखे ‘पशु रैम्प शो’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें चुनी हुई श्रेष्ठ नस्लों के पशु बिलकुल फैशन शो की तरह रैम्प पर अपनी चाल, बनावट और सुंदरता का प्रदर्शन करेंगे। मेले के आयोजकों के अनुसार, यह रैम्प शो पशुपालकों और दर्शकों दोनों के लिए नया अनुभव होगा और मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है।
पशुपालकों के लिए फ्री बस सेवा
मेले में प्रदेशभर से लगभग 1 लाख पशुपालक, किसान, उद्यमी और वैज्ञानिक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने एक अनूठी व्यवस्था की है। इसके तहत प्रत्येक दिन 200 निःशुल्क बसें
जो प्रदेश के हर जिले से पशुपालकों और दर्शकों को मेले तक लेकर आएंगी और उन्हें वापस उनके गांव/शहर छोड़कर जाएंगी। यह बड़े पैमाने पर पहली बार हो रहा है, जिससे माना जा रहा है कि इस बार मेले में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ेगी।
फ्री भोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजन
मेले में आने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हरियाणा के नामी कलाकार - महावीर गुड्डू, आजाद खांडा आदि अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजकों का कहना है कि रोज रात होने वाले ये सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले को पूर्ण रूप से उत्सव का माहौल देंगे।
सरकारी विभागों और निजी कंपनियों के होंगे स्टॉल
प्रदर्शनी में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें पशुपालन, कृषि, सहकारिता, डेयरी और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। निजी कंपनियां पशुपालन से जुड़े आधुनिक उपकरण, दवाइयां, तकनीक और आहार सामग्री का प्रदर्शन करेंगी। आयोजकों का कहना है कि यह मेले को ज्ञान और तकनीक का बड़ा प्लेटफॉर्म बनाता है जिससे किसानों को नई जानकारियां मिलेंगी।
कम लागत में अधिक उत्पादन की राह
पशुपालन विभाग का कहना है कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को नई तकनीकों, बेहतर नस्ल चयन, स्वास्थ्य प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक विधियों से परिचित कराना है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से पशुपालक यह सीख सकेंगे कि कम लागत में अधिक दुग्ध उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है और पशुओं की देखरेख में कौन-सी आधुनिक तकनीकें मददगार साबित हो सकती हैं।

