Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

आईजीओटी कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा नंबर वन

5 लाख तक कर्मचारी वाले राज्यों की श्रेणी में सबसे ज्यादा 60.72 अंक

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण और नियमित प्रशिक्षण के मामले में हरियाणा ने राष्ट्रीय आईजीओटी कर्मयोगी मंच की श्रेणी-बी रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर जारी रैंकिंग में हरियाणा को 60.72 अंक मिले। इस श्रेणी में एक लाख एक से पांच लाख सरकारी कर्मचारियों वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, हरियाणा के बाद कर्नाटक को 60.47, तेलंगाना को 60.39, गुजरात को 60.18 और पंजाब को 60.06 अंक मिले हैं। रैंकिंग केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के तहत कर्मयोगी भारत की ओर से जारी की गई है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सभी अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी मंच से जोड़ने और कर्मचारियों की वास्तविक संख्या की पुष्टि करने को कहा है। कर्मचारियों को हर महीने कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।

Advertisement

आईजीओटी कर्मयोगी मंच पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी को तीन प्रमुख मानकों पर पर खा गया है। विभागों की ओर से एआई आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के लिए 30 प्रतिशत, भूमिका आधारित ज्ञान के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने पर 30 प्रतिशत और पंजीकृत अधिकारियों में से पिछले महीने कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मचारियों पर 40 प्रतिशत भारांक रखा गया है। 25 प्रतिशत विभागों द्वारा एआई आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने वाले राज्य पहले मानक में पूरे 30 अंक हासिल कर सकते हैं। 10 या उससे अधिक लाइव पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने वाले राज्यों को दूसरे मानक में पूरे 30 अंक मिल सकते हैं।

Advertisement

700 से ज्यादा पाठ्यक्रम

मंच पर जनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, परियोजना प्रबंधन, व्यक्तिगत विकास और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों पर 700 से अधिक उन्नत पाठ्यक्रम मुफ्त उपलब्ध हैं। साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अलग लर्निंग पाथवे भी शुरू किए गए हैं।

Advertisement
×