पंजाब में जीएसटी राजस्व ने पकड़ी रफ्तार, 20 फीसदी बढ़ोतरी
बेहतर कर अनुपालन, तकनीक आधारित प्रशासन और सख्त प्रवर्तन का असर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की वित्तीय नीतियों और कर प्रशासन में किए जा रहे सुधार अब जमीन पर ठोस परिणाम दिखाने लगे हैं। राज्य के जीएसटी राजस्व में लगातार हो रही बढ़ोतरी इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में पंजाब के सकल जीएसटी राजस्व में करीब 20 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा न केवल राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करता है, बल्कि बेहतर कर अनुपालन और सरकार की प्रभावी प्रशासनिक रणनीति की सफलता को भी रेखांकित करता है।
पंजाब सरकार के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान राज्य ने 10,447.90 करोड़ रुपये का सकल जीएसटी संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि 8,708.48 करोड़ रुपये थी। यानी एक साल में राजस्व संग्रह में करीब 1,739 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सरकार एक ओर ईमानदार करदाताओं को सुविधाएं देने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
जुलाई में भी मजबूत प्रदर्शन
राज्य के जीएसटी संग्रह का प्रदर्शन जुलाई में भी उत्साहजनक रहा। जुलाई 2026 में पंजाब ने 2,614.45 करोड़ रुपये का सकल जीएसटी राजस्व हासिल किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 8.31 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि एसजीएसटी की नकद वसूली में 16.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई 2025 में जहां एसजीएसटी नकद संग्रह 815.84 करोड़ रुपये था, वहीं जुलाई 2026 में यह बढ़कर 948.29 करोड़ रुपये हो गया। पंजाब सरकार के अनुसार, यह वृद्धि राज्य में कारोबारियों द्वारा बेहतर स्वैच्छिक कर भुगतान और कर अनुपालन का संकेत है।
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, सरकार ने ईमानदार करदाताओं को राहत देने के लिए जुलाई महीने में 200 करोड़ रुपये से अधिक के वैध जीएसटी रिफंड मंजूर किए हैं। वहीं, कर चोरी के खिलाफ जुलाई के दौरान पूरे राज्य में चलाये गये विशेष अभियान में 200 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने लगाये गये।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार उन्नत डेटा एनालिटिक्स, ई-वे बिल की बारीकी से जांच, फास्ट-ट्रैक वेरिफिकेशन और गुप्त जानकारियों का उपयोग करके सरकारी राजस्व की रक्षा करने और ईमानदार टैक्सदाताओं को समान माहौल प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने फर्जी बिलिंग और संगठित टैक्स चोरी के नेटवर्क के खिलाफ पंजाब सरकार की सख्त ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को फिर दोहराया और संकल्प लिया कि आबकारी एवं कर विभाग सहायता, सख्त निगरानी और बिना किसी समझौते के इनफोर्समेंट के संतुलित तरीके से असली टैक्सदाताओं के हितों की रक्षा करना जारी रखेगा।

