स्वर्णिम शुक्रवार, हरियाणवी खिलाड़ी फिर दमदार
एशियाई खेल ‘गोल्डन सिक्स’ के साथ पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा भारत
एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किये। खासकर हरियाणा के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी तरह अजेय नजर आए और उन्होंने चार स्वर्ण पदक जीते, जिनमें दो मुक्केबाजी, एक कुश्ती तथा एक तीरंदाजी में आया।
वहीं, भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी कटाया। गोलकीपर सविता पूनिया समेत हॉकी टीम में कई खिलाड़ी हरियाणा से हैं। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था, जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था।
‘गोल्डन सिक्स’ के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। देश के लिए दिन का पहला स्वर्ण भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने जीता। जींद जिले के रिटोली गांव की 20 वर्षीय कीर्ति शर्मा ने अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ के साथ मिलकर दस बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को 5-3 से मात दी।
इसके बाद हरियाणा के लिए दिन का पहला मुक्केबाजी स्वर्ण आया। रोहतक जिले के रुड़की गांव की परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने बेहद कड़े मुकाबले में चीनी ताइपे की पूर्व विश्व चैंपियन नियेन चिन चेन को 3-2 से हराया। परवीन एक किसान परिवार से आती हैं। उनकी मां नीलम देवी दूध बेचकर परिवार का गुजारा चलाती हैं,जबकि पिता लखपत हुड्डा कैंसर से जूझ रहे हैं और बेटी की खेल यात्रा में बड़ा सहारा रहे हैं।
अगला स्वर्ण पदक हिसार जिले के भेरिया गांव के 21 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने दिलाया। उन्होंने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर एशियाई खेलों का खिताब जीता।

