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गोलीकांड के बाद ट्रंप प्रशासन का एलान, Green Card होल्डर्स की होगी समीक्षा, इन देशों पर पड़ेगा असर

US Green Card Holders: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि एक अफगान नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर गोलीबारी की घटना के बाद वह ‘‘हर चिंताजनक स्थिति वाले देश'' से आए प्रवासियों को जारी सभी...

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डोनाल्ड ट्रंप।
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US Green Card Holders: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि एक अफगान नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर गोलीबारी की घटना के बाद वह ‘‘हर चिंताजनक स्थिति वाले देश'' से आए प्रवासियों को जारी सभी ग्रीन कार्ड की ‘‘कड़े तरीके से'' पुनः समीक्षा करेगा।

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के निदेशक जोसेफ एडलो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘‘हर चिंताजनक स्थिति वाले देश से आने वाले प्रत्येक विदेशी नागरिक के ग्रीन कार्ड की पूर्ण और कठोर पुनः समीक्षा'' का निर्देश दिया है।

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एडलो ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस देश और अमेरिकी जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और अमेरिकी लोग पिछली सरकार की लापरवाही वाली पुनर्वास नीतियों की कीमत नहीं चुकाएंगे।''

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नयी नीति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और 27 नवंबर 2025 या उसके बाद दायर किए गए अथवा लंबित सभी अनुरोधों पर लागू होगी। यूएससीआईएस ने एक बयान में कहा कि वाशिंगटन डीसी में बुधवार को अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल द्वारा दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर की गई गोलीबारी के बाद एजेंसी ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत 19 उच्च-जोखिम वाले देशों के नागरिकों की जांच में ‘‘नकारात्मक, देश-विशिष्ट कारकों'' को शामिल किया जाएगा।

इन देशों में अफगानिस्तान, म्यांमा, बुरुंडी, चाड, कांगो गणराज्य, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। ये वही देश हैं, जिन्हें ट्रंप ने इस वर्ष जून में जारी अपने आदेश में यात्रा प्रतिबंध सूची में रखा था।

लकनवाल (29) अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम' योजना के तहत देश में आया था, जिसमें 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान नागरिकों को यहां बसाने की पहल की गई थी।

एडलो ने कहा, ‘‘मेरा प्राथमिक दायित्व है कि हर विदेशी नागरिक की अधिक से अधिक जांच और समीक्षा हो। इसमें यह मूल्यांकन भी शामिल है कि वे कहां से आ रहे हैं और क्यों।''

नए निर्देशों से यूएससीआईएस अधिकारियों को यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि कोई विदेशी नागरिक सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है या नहीं। ट्रंप ने इस गोलीबारी को ‘‘आतंकी हमला'' बताया है। जब उनसे पूछा गया कि लकनवाल अफगानिस्तान में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के साथ काम करता था और जांच से गुजरा था, तो ट्रंप ने कहा, ‘‘वह पागल हो गया। यानी बिल्कुल सनक गया। और ऐसा इन लोगों के साथ अक्सर होता है।''

इसके साथ ही ट्रंप ने एक तस्वीर दिखायी जिसमें तालिबान के कब्जे के बाद अफगान नागरिकों को भीड़भाड़ वाले सैन्य विमान में अमेरिका लाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘देखिए, ये ऐसे आते हैं, एक-दूसरे के ऊपर खड़े हुए। कोई जांच नहीं, कोई प्रक्रिया नहीं। वे बिना जांच के घुसे। और ऐसे बहुत लोग अभी देश में हैं। हम इन्हें बाहर निकालेंगे, वरना ये पागल हो जाते हैं।''

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