Strait of Hormuz Crisis: डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोका, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के बीच ईरान के साथ समझौते की बड़ी प्रगति का दावा
Strait of Hormuz Crisis: ट्रंप ने कहा, पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध के बाद समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति
Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी ''प्रोजेक्ट फ्रीडम'' (Project Freedom) को रोक दिया है और दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते की दिशा में बातचीत में प्रगति हुई है।
ट्रंप ने मंगलवार को 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, ''ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है।''
ट्रंप ने कहा, ''पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ अभियान के दौरान मिली जबरदस्त सैन्य सफलता और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ पूर्ण एवं अंतिम समझौते की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर हमने आपसी सहमति से यह तय किया है कि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी लेकिन 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही) को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाएगा...।''
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार को 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' शुरू किया गया। ट्रंप ने रविवार को इस अभियान की घोषणा की थी और यूएस सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने अगले दिन से इस पर अमल शुरू कर दिया था। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के कारण संकरे समुद्री मार्ग के आसपास तनाव पैदा हो गया जो वैश्विक तेल आपूर्ति के पांचवें हिस्से के परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दावा किया कि उसके जहाजों पर ईरान ने हमला किया था। अमेरिका ने भी कई ईरानी छोटी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया। 'ट्रूथ सोशल' पर ट्रंप का यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के समाप्त होने और इसके उद्देश्यों की प्राप्ति की घोषणा के कुछ घंटों बाद आया।
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' में संवाददाता सम्मेलन में रुबियो ने कहा, ''ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' समाप्त हो गया है। हमने इस अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है। हम किसी और तरह की स्थिति उत्पन्न होने की कामना नहीं कर रहे। हम शांति का मार्ग अपनाना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति एक समझौते को प्राथमिकता देंगे... जो कि अब तक ईरान ने नहीं चुना है।''

