Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

विज के दोनों पैरों में प्लास्टर के बावजूद काम फुल स्पीड में : आवास पर निपटाईं फाइलें, अफसरों को सख्त संदेश, लंबित काम बर्दाशत नहीं

प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के दोनों पैरों में पहले से फ्रैक्चर है और डॉक्टरों की सलाह पर वे पूर्ण आराम कर रहे हैं। पैरों में प्लास्टर चढ़ा होने के कारण वे इन दिनों विधानसभा के...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
अम्बाला छावनी स्थित निवास पर फाइलों का निपटान करते कैबिनेट मंत्री अनिल विज।
Advertisement
प्रदेश के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के दोनों पैरों में पहले से फ्रैक्चर है और डॉक्टरों की सलाह पर वे पूर्ण आराम कर रहे हैं। पैरों में प्लास्टर चढ़ा होने के कारण वे इन दिनों विधानसभा के बजट सत्र में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी प्रशासनिक सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है।अम्बाला छावनी स्थित अपने आवास से ही वे लगातार विभागीय फाइलों का निस्तारण कर रहे हैं, ताकि सरकारी कामकाज की रफ्तार प्रभावित न हो। विज पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार की गति फाइलों की गति से तय होती है। उनका मानना है कि यदि फाइलें लंबित रहती हैं तो योजनाएं और निर्णय दोनों प्रभावित होते हैं।

इसी कारण उन्होंने अपने विभागों को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। शुक्रवार को उनके कार्यालय के वरिष्ठ सचिव विजय शर्मा फाइलों के निस्तारण के लिए उनके आवास पहुंचे। वहां विज ने आवश्यक दस्तावेजों पर निर्णय लिए और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Advertisement

घर से ही मॉनिटरिंग, तकनीक का सहारा

विज ने स्पष्ट किया है कि जनता से जुड़े कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं है। ई ऑफिस प्रणाली और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से फाइलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और जवाबदेही भी तय होती है।

Advertisement

ऊर्जा, परिवहन और श्रम जैसे विभाग सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े हैं। ऐसे में इन विभागों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक सुस्ती का असर व्यापक होता है। विज का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों से भले ही वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपस्थित न हो पा रहे हों, लेकिन निर्णय प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

Advertisement
×