हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को सियासत अपने चरम पर रही। 20 फरवरी को सत्र के पहले दिन राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष द्वारा प्रस्तुत अभिभाषण पर कई दिनों तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के हर मुद्दे का सिलसिलेवार जवाब दिया। वृद्धावस्था पेंशन, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, किसानों के मुआवजे, बीपीएल कार्ड और महिला योजनाओं से जुड़े विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने आंकड़ों और पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए जवाब दिया।अंत में ध्वनिमत से राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पेंशन काटने का आरोप निराधार है और संवेदनशील मुद्दे पर भ्रम फैलाया जा रहा है। सैनी ने बताया कि 1 लाख 30 हजार मामलों में उम्र और आय से जुड़ी त्रुटियां मिली हैं, लेकिन किसी की पेंशन बंद नहीं की गई है, जांच जारी है।उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि 1992 में 10 हजार रुपये आय सीमा तय की गई थी और वर्षों तक न इसे बढ़ाया गया और न हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने 2023 में आय सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की और लाभार्थियों की संख्या 17.98 लाख से बढ़कर 20 लाख से अधिक हो गई। उन्होंने कहा कि यदि पेंशन काटी गई होती तो संख्या कैसे बढ़ती। 11 वर्षों में पेंशन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 3200 रुपये की गई, जो 2200 रुपये की वृद्धि है। कांग्रेस शासन में 50 हजार से अधिक अपात्र लोगों को पेंशन दिए जाने और 2011 के कथित घोटाले का भी उल्लेख किया।रोजगार पर पलटवार : 1.80 लाख युवाओं को नौकरीबेरोजगारी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष हर बार निजी एजेंसियों की रिपोर्ट दिखाता है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार राज्य में बेरोजगारी दर 3.29 प्रतिशत है, जो उत्तरी भारत में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 1.22 लाख युवाओं को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त कर सुरक्षित रोजगार दिया गया। उन्होंने पड़ोसी राज्यों हिमाचल, जम्मू, पंजाब और दिल्ली की बेरोजगारी दर का हवाला देते हुए कहा कि वहां दर अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंकड़ों के आधार पर जवाब देती है, न कि निजी रिपोर्टों के आधार पर।कानून व्यवस्था : सजा दर 74 प्रतिशत बढ़ीकानून व्यवस्था पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच अपराध दर 1.75 प्रतिशत रही, जबकि कांग्रेस शासन में यह 3 प्रतिशत से अधिक थी। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक पुलिसिंग और बेहतर जांच के कारण सजा दर 74 प्रतिशत बढ़ी है। डायल 112 का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 44 सेकंड बताया गया। पुलिस आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नशा विरोधी अभियान में 35 प्रतिशत अधिक गिरफ्तारियां हुईं, 53 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और 118 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति ध्वस्त की गई। 7,523 नशा पीड़ितों का इलाज कराया गया और 161 नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए।11 साल में 15,448 करोड़ रुपये मुआवजामुख्यमंत्री ने किसानों के मुआवजे को लेकर विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान 53,821 किसानों को 116 करोड़ रुपये सीधे खातों में भेजे गए। उन्होंने कहा कि 11 वर्षों में फसल खराबे के क्लेम के रूप में 15,448 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों में 1,138 करोड़ रुपये दिए गए थे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 21 किश्तों में 7,233 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए। नकली खाद और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ पांच साल की सजा का प्रावधान किया गया है।बीपीएल कार्ड : किसी का हक नहीं छीनाबीपीएल कार्ड काटने के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपात्र लोगों की जांच के बाद कार्ड हटाए गए हैं। रोजगार मिलने या आय बढ़ने पर परिवार स्वाभाविक रूप से श्रेणी से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी पात्र परिवार का कार्ड नहीं काटा, बल्कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है।लाडो लक्ष्मी योजना: 10.51 लाख आवेदनमहिलाओं के लिए शुरू की गई लाडो लक्ष्मी योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 10.51 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। अब तक 9 लाख से अधिक महिलाओं को 637 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। फरवरी 2026 से 1100 रुपये सीधे खाते में और 1000 रुपये एफडी के रूप में देने का प्रावधान किया गया है।खेल और विकास का रोडमैपमुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट 275 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 590 करोड़ रुपये किया गया है। 989 करोड़ रुपये खेल संरचना पर खर्च किए गए। 231 खिलाड़ियों को नौकरी और 641 करोड़ रुपये पुरस्कार के रूप में दिए गए। उन्होंने दोहराया कि राज्यपाल का अभिभाषण ‘विकसित हरियाणा’ का स्पष्ट रोडमैप है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा है।