‘समरसता’ के संकल्प पर जातीय विवाद, सदन में हंगामा; कांग्रेस ने मांगी माफी
गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व पर चर्चा के बीच भाजपा-कांग्रेस विधायक आमने-सामने
हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व पर सामाजिक समरसता का संकल्प पारित करते हुए सदन में जातीय टिप्पणी को लेकर हंगामा हो गया। संकल्प पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक राम कुमार गौतम और कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई। दोनों के विवादित अंश स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही से हटवा दिए।
इसके बाद भाजपा विधायकों ने गीता भुक्कल से माफी की मांग की। मामला बढ़ता देख कांग्रेस विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने क्षमा मांगी और ब्राह्मण समाज को पूजनीय बताया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर सदन में सरकारी संकल्प पेश किया। संकल्प पर चर्चा के दौरान रोहतक के कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने गुरु रविदास की पावन मिट्टी के कलश की यात्रा के लिए गठित कमेटी मंच कांग्रेस के एससी सांसदों और विधायकों को शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बात से उन्हें पीड़ा होती है और आंसू आते हैं। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कार्यक्रम में बुलाए जाने के बावजूद वे वहां दिखाई नहीं दिए। इसी बहस के दौरान भाजपा विधायक राम कुमार गौतम ने विपक्ष को लेकर एक टिप्पणी की, जिस पर आपत्ति जताई गई। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसका विरोध किया और वंदे मातरम् से संबंधित मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने गौतम की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की मांग की। स्पीकर ने गौतम द्वारा विपक्ष के लिए कहे गए संबंधित शब्द कार्यवाही से निकलवा दिए।
भुक्कल की टिप्पणी से बढ़ा हंगामा
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने बहस में हिस्सा लेते हुए एक दोहा पढ़ा और उसके संदर्भ में भाजपा विधायक राम कुमार गौतम पर टिप्पणी की। उन्होंने गौतम पर जाति-पाति से संबंधित आरोप लगाया। इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के विधायक भड़क गए। भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की। आधिकारिक कार्यवाही के अनुसार, गीता भुक्कल द्वारा गौतम को लेकर कहे गए जाति-पाति से संबंधित शब्द भी स्पीकर ने कार्यवाही से हटवा दिए। सदन में कुछ देर तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। सहकारिता मंत्री डॉ़ अरविंद शर्मा और गुरुग्राम के भाजपा विधायक मुकेश शर्मा ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और माफी की मांग की।
अशोक अरोड़ा ने संभाला मोर्चा, मांगी क्षमा
मामला बढ़ता देख कांग्रेस विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी की भावना आहत हुई है तो वे क्षमा मांगते हैं। ब्राह्मण समाज हमारे लिए पूजनीय है। अरोड़ा ने सफाई दी कि गीता भुक्कल का आशय किसी समाज का अपमान करना नहीं था। उनका आशय यह बताना था कि किसी भी समाज में महान व्यक्ति पैदा हो सकता है। इसके बाद सदन में स्थिति सामान्य हुई।
मंत्रियों ने भी दी नसीहत
हंगामे के बीच पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा संतों की जयंती मनाने के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। उन्होंने कहा कि संतों और बुजुर्गों की मांग पर सरकार ने सभी संतों की जयंतियां सरकारी स्तर पर मनाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि महापुरुषों का सभी को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपील की, जिनसे किसी समाज की भावनाएं आहत हों।
समरसता के संकल्प के बीच जातीय तल्खी
सदन में यह पूरा विवाद उस समय हुआ, जब मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए सरकारी संकल्प में गुरु रविदास के समता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया जा रहा था। संकल्प पर चर्चा के बीच जाति को लेकर हुई तल्खी ने सदन का माहौल गरमा दिया। हालांकि दोनों विधायकों की विवादित टिप्पणियां कार्यवाही से हटाए जाने और कांग्रेस की ओर से क्षमा मांगे जाने के बाद मामला शांत हो गया।

