अल्बर्टा अलगाववाद, अमेरिका और ट्रंप: कनाडा-US रिश्तों में नई तल्खी
Alberta Separatism: अमेरिका से मदद मांगने की खबरों पर कार्नी का कड़ा रुख
Alberta Separatism: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने अल्बर्टा प्रांत की आज़ादी की मांग करने वाले अलगाववादियों से मुलाकात की है। कार्नी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट (APP) नामक समूह के साथ तीन बैठकें की हैं। यह समूह ऊर्जा-समृद्ध पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा को कनाडा से अलग करने को लेकर जनमत संग्रह कराने की मांग कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्नी ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत में मैं हमेशा इस बात को साफ रखता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप ने उनसे कभी अल्बर्टा अलगाववाद का मुद्दा नहीं उठाया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि APP अगले महीने अमेरिकी विदेश और वित्त (ट्रेज़री) विभाग के अधिकारियों से एक और बैठक चाहता है, जिसमें वह 500 अरब डॉलर की क्रेडिट सुविधा की मांग करेगा। समूह का कहना है कि ओटावा की नीतियां अल्बर्टा के विकास में बाधा डाल रही हैं।
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ ने कहा कि वह कनाडा का हिस्सा बने रहना चाहती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि सर्वेक्षणों में करीब 30 प्रतिशत आबादी ओटावा के कथित अत्यधिक हस्तक्षेप से नाराज़ है।
अल्बर्टा एक स्थल-आवृत (लैंडलॉक्ड) प्रांत है और स्मिथ प्रशांत तट तक एक और तेल पाइपलाइन के लिए दबाव बना रही हैं। इसके लिए पड़ोसी प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया से होकर गुजरना होगा, लेकिन वहां के प्रीमियर डेविड एबी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
एबी ने पत्रकारों से कहा, “किसी विदेशी देश में जाकर कनाडा को तोड़ने में मदद मांगना… यह देशद्रोह है।” उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की जब स्मिथ के साथ उनके रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बताए जाते हैं।
पिछले सप्ताह अमेरिकी ट्रेज़री सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक रेडियो स्टेशन से कहा था, “मुझे लगता है कि हमें उन्हें अमेरिका आने देना चाहिए।” जब उनसे अल्बर्टा में संभावित जनमत संग्रह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “लोग संप्रभुता चाहते हैं। वे वही चाहते हैं जो अमेरिका के पास है।”
हाल के हफ्तों में कार्नी और ट्रंप के बीच कई बार तीखी बयानबाज़ी हो चुकी है। कार्नी, जो ट्रंप को एक कुशल वार्ताकार बताते हैं, का मानना है कि ट्रंप की हालिया टिप्पणियां इस साल के अंत में शुरू होने वाली अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते (USMCA) की समीक्षा से जुड़ी हो सकती हैं।

