केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पाकिस्तान में सक्रिय 23 और दहशतगर्दों को को ‘आतंकवादी’ घोषित किया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई आतंकी शामिल हैं। इसके साथ ही इस सूची में शामिल आतंकवादियों की कुल संख्या 80 हो गई है।
सरकारी आदेश के अनुसार, ये आतंकी सुरक्षा बलों पर बड़े हमलों, ड्रोन के जरिये हथियारों की तस्करी, सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकवादी संगठनों में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि इन 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक और छह भारतीय नागरिक हैं। हालांकि, वर्तमान में सभी पाकिस्तान और पीओके से आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
इनमें जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदादउल्ला मक्की और वसीम नूर जट शामिल हैं।
इसी तरह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों में फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद क्यूम लोन, नज़ीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल है।
गौर हो कि यूएपीए के तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार है कि यदि उसे लगता है कि कोई व्यक्ति आतंकवाद में शामिल है, तो वह उसे आतंकवादी घोषित कर सकती है। इन नामों को सूची में शामिल करने से एनआईए को उनके वित्तीय संसाधनों पर रोक लगाने, हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और संपत्तियों को जब्त करने जैसी कार्रवाई करने में मदद
मिलती है।
} ये सभी आतंकी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंक फैलाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की सहायता, धन जुटाने और आतंकियों की भर्ती में शामिल रहे हैं। मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। ~
-अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

