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हेलमेट से हुआ गेंदबाज के माथे का संपर्क... आउट होते ही भड़के जायसवाल, फर्नांडो से हुई गर्मागर्म बहस

आउट होने के बाद आपा खो बैठे जायसवाल, ICC आचार संहिता के दायरे में आए

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Yashasvi Jaiswal Controversy : यशस्वी जायसवाल रविवार को यहां आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आ गए जब श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ उनकी तीखी बहस हुई और इस दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज के हेलमेट का संपर्क श्रीलंकाई गेंदबाज के माथे से हो गया। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि यह घटना जोश में हुई हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि जायसवाल को प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी के साथ शारीरिक संपर्क नहीं करना चाहिए था।

कोटक ने दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ''मुझे लगता है कि उन्होंने उससे कुछ कहा होगा और यह घटना उस समय के जोश में हो गई होगी। जाहिर तौर पर, जायसवाल को फर्नांडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जब आप उस समय के जोश में होते हैं तो ऐसा हो जाता है।'' यह घटना यहां एसएससी मैदान पर दूसरे टेस्ट के पहले सत्र में फर्नांडो द्वारा जायसवाल (45) को शानदार इनस्विंग गेंद पर आउट करने के तुरंत बाद हुई। जब बाएं हाथ के बल्लेबाज जायसवाल मैदान से बाहर जा रहे थे, तभी फर्नांडो ने उन्हें विदाई का इशारा किया।

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इसके बाद जायसवाल पलटकर फर्नांडो के सामने आकर बहस करने लगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी मौखिक बहस के दौरान जायसवाल के हेलमेट का संपर्क फर्नांडो के माथे से हुआ। इसके बाद श्रीलंका के कप्तान धनंजय डि सिल्वा ने हस्तक्षेप कर दोनों खिलाड़ियों को अलग किया। श्रीलंका के तेज गेंदबाजी कोच रयान वान नीकर्क ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर गौर करना मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट का काम है।

उन्होंने कहा, ''मौखिक बहस शायद भावनाओं के उफान का नतीजा थी। मैं इसे मैच रेफरी के निर्णय के लिए छोड़ता हूं।'' इस मामले में पाइक्रॉफ्ट आईसीसी आचार संहिता का अनुच्छेद 2.12 लागू कर सकते हैं जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी अन्य खिलाड़ी के साथ 'अनुचित शारीरिक संपर्क' से संबंधित है। अगर जायसवाल को दोषी पाया जाता है तो लेवल एक के उल्लघंन के लिए उन्हें आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा उन्हें एक या दो डिमेरिट अंक मिल सकते हैं।

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