जल्द ही भारत के लिए खेलेंगे सूर्यवंशी, क्या अपने IPL फॉर्म को बरकरार रख पाएंगे?
सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
क्रिकेट जगत को पूरा यकीन है कि एलिमिनेटर में अपनी तूफानी पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे छोटे प्रारूप में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन क्या 15 साल का यह युवा खिलाड़ी अपनी शानदार IPL लय को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दोहरा पाएगा?
आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 श्रृंखला के लिए टीम की घोषणा जून के पहले हफ्ते में की जाएगी। सूर्यवंशी का नाम इसमें शामिल होने की पूरी संभावना है। भले ही विश्व कप जीतने वाली इकाई में उनके लिए कोई पक्की जगह उपलब्ध नहीं हो। पिछले साल अपने पदार्पण सत्र में सूर्यवंशी आईपीएल इतिहास में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। अपने पहले पूरे सत्र में उन्होंने जसप्रीत बुमराह, कागिसो रबाडा और हाल में पैट कमिंस जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों की धुनाई करके अपनी साख को कई गुना बढ़ा लिया है।
कोई बेतुका शॉट नहीं था
सूर्यवंशी की 29 गेंद में 97 रन की पारी के दौरान हर गेंद पर छक्का लगाने की कोशिश करने के बावजूद ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह कोई बहुत ज्यादा जोखिम भरा खेल खेल रहे थे। उनके लगाए सभी 12 छक्के क्रिकेट के सही शॉट थे, इसमें कोई बेतुका शॉट नहीं था। कमिंस और उनकी गेंदबाजी इकाई ने उन्हें पैड्स पर गेंदें डालकर निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सूर्यवंशी इतने फुर्तीले थे कि उन्होंने पलक झपकते ही सामंजस्य बिठाकर उन गेंदों को सीधे मैदान के बाहर भेज दिया।
सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद
अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड जैसे खिलाड़ियों के उलट, वह जगह बनाने के लिए स्टंप्स से ज्यादा पीछे नहीं हटते। वह क्रीज में पीछे रहकर बिल्कुल स्थिर खड़े होकर गुड लेंथ गेंदों को भी मैदान के बाहर भेजना पसंद करते हैं। एलिमिनेटर चरण तक उनके रिकॉर्ड 65 छक्कों में से ज्यादातर छक्के गुड लेंथ गेंदों पर ही आए हैं। सूर्यवंशी को महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद मिला है कि वह उच्चतम स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करें, और शायद वह ऐसा करेंगे भी। जब तक यह युवा खिलाड़ी खुद इन सवालों का जवाब नहीं दे देता, तब तक इस बात पर सवाल बने रहेंगे कि क्या वह अपनी जबरदस्त फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी बरकरार रख पाएगा।

