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रेवाड़ी के बेटे ने जापान में रचा इतिहास... कमलजीत की जीत के लिए मां कर रही थीं दुआ, टीवी पर टकटकी लगाए बैठा था पूरा गांव

एशियन गेम्स में गोल्ड पर किया कब्जा; पूरा परिवार -गांव जश्न में डूबा

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कमलजीत गोल्ड मेडल के साथ
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Asian Games 2026 : बावल क्षेत्र के गांव सुलखा के युवा खिलाड़ी शूटर कमलजीत ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स में गोल्ड पर क़ब्ज़ा कर देश ,प्रदेश व गांव का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने दस मीटर एयर पिस्टल के मिक्स्ड टीम स्पर्धा में में यह शानदार उपलब्धि दर्ज की। जैसे ही यह समाचार उनके गांव पहुँचा तो पूरा गांव व परिवार जश्न में डूब गया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।

कमलजीत गोल्ड मेडल के साथ
कमलजीत गोल्ड मेडल के साथ

ग्रामीण पृष्ठभूमि व मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले खिलाड़ी कमलजीत के पिता औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी में काम करते हैं और उनकी माँ गृहिणी हैं। दो भाइयों में कमलजीत बड़े हैं। छोटा भाई अभी स्टडी कर रहा है। बता दें कि कमलजीत व झज्जर की खिलाड़ी सुरूचि ने मिक्स्ड टीम इवेंट में यह जीत दर्ज की है। इस भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक प्राप्त कर दूसरे नंबर की साउथ कोरिया की खिलाड़ी को हराया।

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कमलजीत के चाचा दिनेश कुमार ने कहा कि बीती रात को जब कमलजीत मुकाबले का सामना कर रहा था तो पूरा गांव और परिवार टीवी पर टकटकी लगाए बैठा था। सभी की निगाहें गोल्ड टिकी हुई थी। इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे। दुआ कबूल हुई और जैसे ही कमल जीत ने गोल्ड जीता वैसे ही पूरा परिवार झूम उठा पूरी रात गांव में जश्न मना एक दूसरे को बधाई दी उन्होंने कहा कि कमलजीत शुरू से कहता था कि वह इस बार भारत को गोल्ड दिलाएगा। उसने इसके लिए कड़ी मेहनत की और परिणाम सामने आया।

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कमलजीत की जीत पर जश्न मनाते ग्रामवासी
कमलजीत की जीत पर जश्न मनाते ग्रामवासी

सबसे ज्यादा खुशी उसकी मां को है जो उसके लिए जी भरभर के दुआ कर रही थी। उसे अब बेटे के गांव लौटने का इंतजार है। उस दिन घर में दिवाली सा माहौल दिखाई देगा। पूरा गांव उसके स्वागत में पलक पावड़े बिछाकर बैठा है। ग्रामीणों व परिजनों से हुई बातचीत से पता चला कि कमलजीत पहले एक अच्छे एथलिट थे। लेकिन जब वे 15 साल के थे तो चोटिल होने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स छोड़ दी और शूटिंग की राह अपनायी।

शूटिंग का खेल बहुत खर्चीला होने के कारण परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ने वाला था। लेकिन परिवार ने उसे पूरा सहयोग व सपोर्ट किया। कमलजीत ने आई एस एस एफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। फिर एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया तत्पश्चात् भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से वे सीनियर भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल हुए।

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