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रिकॉर्ड कभी मेरा लक्ष्य नहीं रहा, बस सिर झुकाकर मेहनत करता हूं; 15 हजार रन पूरे करने के बाद भी नहीं बदला कोहली का अंदाज

मेरा ध्यान कभी रिकॉर्ड पर नहीं रहा, चुनौती हमेशा स्तर ऊंचा उठाने की होती है: कोहली

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Virat Kohli Record : विराट कोहली के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने की उपलब्धि ने उन्हें सचिन तेंदुलकर के साथ विशिष्ट क्लब में पहुंचा दिया है लेकिन इस स्टार बल्लेबाज ने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धियां कभी उनका लक्ष्य नहीं रही हैं और वह टीम के लिए अपना स्तर ऊंचा उठाने की भूख बरकरार रखना चाहते हैं। कोहली रविवार को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में 15,000 एकदिवसीय रन पूरे करने वाले तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने इस प्रारूप में अपना रिकॉर्ड 55वां शतक जड़कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मैच के बाद प्रसारक से बातचीत में कोहली ने कहा, ''मेरा ध्यान कभी इन उपलब्धियों पर नहीं रहा। मेरा ध्यान बस स्थिति को समझने और टीम के लिए अपना काम करने पर रहा है। उपलब्धियां अपने आप साथ आती हैं।'' कोहली ने 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की पारी में नौ छक्के और 10 चौके लगाए जिससे भारत ने वेस्टइंडीज के सात विकेट पर 295 रन के जवाब में 41.4 ओवर में दो विकेट पर 300 रन बनाकर जीत हासिल की। कोहली ने कहा, ''इतने लंबे समय तक खेलने और इस मुकाम पर पहुंचने के लिए मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली और ईश्वर का आभारी मानता हूं। बस सिर झुकाकर मेहनत करते रहना और जीवन में मिली हर चीज तथा अवसरों के लिए ईश्वर को धन्यवाद देना।''

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उन्होंने कहा, ''हम बहुत सौभाग्यशाली जीवन और सफर जी रहे हैं क्योंकि बहुत से लोग यहां पहुंचना चाहते हैं, लेकिन हम उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें यह मौका मिला। इसलिए हमें सिर झुकाकर जीवन के हर दिन कड़ी मेहनत करनी चाहिए।'' कोहली ने कहा कि बल्लेबाजी में अधिक आक्रामक होकर अपना स्तर ऊंचा उठाना उनके लिए एक चुनौती रही है।

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पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''सबसे पहले अपने खेल को समझना जरूरी है। इसके अलावा जिस मुकाम पर मैं हूं, वहां खुद को शारीरिक रूप से फिट रखना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल कमोबेश दिमाग में ही होता है। जैसा कि आप जानते हैं, तीनों प्रारूपों में खेलने के दौरान भी मैं बहुत ज्यादा अभ्यास करने वाला खिलाड़ी नहीं रहा हूं। अपने करियर के इस पड़ाव पर मेरे सामने चुनौती थी कि मैं अपना स्तर ऊंचा उठाऊं और एक-दो गियर ऊपर खेलूं। इस पर काम करना मेरे लिए रोमांचक था।''

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