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फतेहाबाद की गलियों से अमेरिका तक पहुंचा कराटे का सफर, राहुल यादव अब अंतरराष्ट्रीय निर्णायक

1999 में खिलाड़ी के तौर पर शुरू किया सफर; विश्व कराटे महासंघ की रैंकिंग में 98वां स्थान हासिल किया, अब अमेरिका में निभा रहे निर्णायक की भूमिका

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राहुल कुमार यादव की फाइल फोटो। फोटो स्रोत हमारे प्रतिनिधि
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फतेहाबाद की गलियों से शुरू हुआ कराटे का सफर अब अमेरिका तक पहुंच चुका है। वर्ष 1999 में स्थानीय अंतरविद्यालय प्रतियोगिता में पहली बार कराटे की चटाई पर उतरे राहुल कुमार यादव ने खिलाड़ी के रूप में दो दशक से अधिक समय तक देश और हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। अब वह अमेरिका में निर्णायक की भूमिका निभाते हुए कराटे के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बना रहे हैं।

राहुल ने विश्व कराटे महासंघ की वैश्विक वरीयता सूची में 206 देशों के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों के बीच 98वां स्थान हासिल किया था। वह हरियाणा के उन खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिन्होंने वरिष्ठ काता और कुमिते वर्ग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

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वर्ष 2009 में भारत-भूटान कराटे प्रतियोगिता में काता वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2011 में मलेशिया में आयोजित विश्व कराटे महासंघ की विश्व कनिष्ठ एवं किशोर कराटे प्रतियोगिता में 80 से 85 किलोग्राम भार वर्ग में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया और कुमिते मुकाबले में जीत दर्ज कर शीर्ष आठ में जगह बनाई।

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वर्ष 2015 में सिडनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल कराटे संघ की ऑस्ट्रेलियाई खुली प्रतियोगिता में रजत और 2016 में स्वर्ण पदक जीता। कनाडा की खुली कराटे प्रतियोगिता में वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो स्वर्ण पदक हासिल किए। वर्ष 2017 में दुबई में आयोजित विश्व कराटे महासंघ की कराटे-1 प्रमुख लीग में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि वर्ष 2019 में तुर्किये की अंतरराष्ट्रीय खुली कराटे प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।

खिलाड़ी से प्रशिक्षक और निर्णायक तक

राहुल जिला कराटे संघ फतेहाबाद के महासचिव और कराटे प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य प्रशिक्षक भी रहे हैं। उन्होंने सैकड़ों युवाओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया। नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में उन्हें वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और सर्वश्रेष्ठ आधिकारिक निर्णायक का सम्मान मिला। नेपाल के काठमांडू में आयोजित भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय कराटे श्रृंखला में भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्णायक के सम्मान से भी नवाजा गया।

अमेरिका में नई जिम्मेदारी

वर्तमान में अमेरिका में रह रहे राहुल ने वर्ष 2026 में स्पोकेन में आयोजित अमेरिकी राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में आधिकारिक निर्णायक की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा सैक्रामेंटो कराटे प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में सेवाएं दीं और कैलिफोर्निया में आयोजित क्षेत्र-1 कराटे निर्णायक प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया।

राहुल के अनुसार, खिलाड़ी को एक क्षण में सही तकनीक का इस्तेमाल कर अंक हासिल करना होता है, जबकि निर्णायक को दोनों खिलाड़ियों की तकनीक, समय, नियंत्रण, नियम और सुरक्षा पर एक साथ नजर रखनी होती है। उनका अगला लक्ष्य पैन अमेरिकन स्तर का निर्णायक बनना और आगे चलकर विश्व कराटे महासंघ के आधिकारिक निर्णायक मंडल में जगह बनाना है। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता शिव राम व उमा देवी, प्रशिक्षक रजनीश चौधरी, एशियाई निर्णायक भारत शर्मा और खेल प्रेमियों को देते हैं।

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