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IPL 2026 : मैं थोड़ा ज्यादा जश्न मना बैठा था… जब धोनी को आउट करना अश्विन पर पड़ गया भारी, कैप्टन कूल हो गए थे नाराज

धोनी का विकेट लेने के बाद जरूरत से ज्यादा जश्न मनाने पर वह नाराज हो गए थे: अश्विन

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IPL 2026 : भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शुक्रवार को खुलासा किया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में चैलेंजर ट्रॉफी में महेंद्र सिंह धोनी को आउट करने के बाद जरूरत से ज्यादा जश्न मनाने पर यह पूर्व भारतीय कप्तान नाराज हो गया था। जियोस्टार के 'द रविचंद्रन अश्विन एक्सपीरियंस' कार्यक्रम में इस ऑफ स्पिनर ने याद किया कि उन्हें लगा था कि धोनी को आउट करने से उन्हें आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेलने का मौका मिल सकता है।

अश्विन ने कहा, ''सीएसके की टीम में मुथैया मुरलीधरन थे। एक दिग्गज खिलाड़ी जो अपने कोटे के पूरे ओवर कर रहे थे। इसलिए मुझे (सीएसके के लिए खेलने के) मौके नहीं मिल रहे थे। मैं 2008 में नहीं खेला, लेकिन 2009 में मुझे केपटाउन में मुंबई इंडियंस के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के सामने अपना पहला मैच खेलने का मौका मिला। मुझे 2009 और 2010 में भी ज्यादा मौके नहीं मिले।'' दिसंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले अश्विन ने कहा, ''चैलेंजर ट्रॉफी में मुझे धोनी को गेंदबाजी करने का मौका मिला। धोनी हमारी टीम के खिलाफ खेलते हुए दो बार आउट हुए। एक बार उन्होंने डीप कवर की तरफ शॉट खेला और मैंने डाइव लगाकर कैच लपक लिया। मैंने इतना जश्न मनाया कि वह सच में नाराज हो गए।''

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उन्होंने कहा, ''धोनी ने मुझसे पूछा, 'इतना जश्न मनाने की क्या जरूरत है।' मैंने कहा, 'आपका विकेट लेना मेरा सपना था। शायद इससे मुझे सीएसके में खेलने का मौका मिल जाए।' और अगले साल मुझे मौका मिल गया।'' भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में 106 मैच में 537 विकेट लेने वाले अश्विन ने सीएसके के साथ अपने आईपीएल करियर का अंत किया क्योंकि वह वहीं खत्म करना चाहते थे जहां से उन्होंने शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, ''जब मुझे दोबारा सीएसके के लिए खेलने का मौका मिला, तो सबसे पहला विचार यही आया कि मैं उसी टीम के साथ अपने करियर को खत्म करूंगा जिससे मैंने शुरुआत की थी। मैं दो तीन साल और खेलना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह एक अलग कहानी है इसके बारे में मैं अभी बात नहीं करूंगा।''

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अश्विन ने कहा, ''मेरा एक और सपना था कि मैं चेपॉक में अपना करियर खत्म करूं। ऐसा नहीं हुआ। मेरा आखिरी आईपीएल मैच दिल्ली में था। मैंने अपना आखिरी वनडे मैच चेपॉक में ही खेला था। उस मैदान से मेरी कई यादें जुड़ी हैं। वह मेरे दिल के बेहद करीब है।'' आईपीएल में उनका आखिरी विकेट युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का विकेट था। इस स्पिनर ने कहा, ''यह थोड़ा रणनीतिक था। क्रिकेट बदल गया है। नई पीढ़ी के खिलाड़ी स्पिनरों की गेंदों को उनकी लेंथ से बाहर जाकर खेलते हैं। इसलिए मैंने थोड़ी फुल लेंथ गेंद की थी। मैंने इसी तरह से संजू सैमसन का विकेट भी लिया था।''

अश्विन ने कहा, ''वैभव सूर्यवंशी असाधारण प्रतिभा है। जिस तरह से वह छक्के मार रहा था, मैंने उसे गेंद की फ्लाइट से चकमा देने की कोशिश की। वह चकमा खा गया, लेकिन जल्द ही उसने खुद को संभाला और मिड-ऑन की तरफ रिवर्स स्वीप खेला। मैंने बस यही कहा, 'वाह, यह तो कमाल का खिलाड़ी है।' उसके पास कौशल है। मैं उसे लाल गेंद की क्रिकेट में भी आजमाना चाहूंगा।''

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