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IPL 2026 : 27 गेंद, 7 छक्के और शानदार जीत... मुकुल चौधरी ने धोनी की तरह छक्कों से किया मैच फिनिश

मुकुल ने पूरा किया धोनी की तरह छक्के जड़कर मैच का अंत करने का सपना

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IPL 2026 : युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी का बचपन से ही सपना था कि वह महेंद्र सिंह धोनी की तरह छक्के जड़कर मैच का समापन करें और गुरुवार को यहां लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में तीन विकेट से जीत दिलाकर उन्होंने अपना यह सपना पूरा कर दिया। इस 21 वर्षीय बल्लेबाज ने 27 गेंद पर नाबाद 54 रन बनाए जिसमें दो चौके और सात छक्के शामिल हैं।

मुकुल ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा कि मैं यह पारी अपने पिता को समर्पित करता हूं। शादी से पहले से ही उनका सपना था कि उनका बेटा क्रिकेटर बने। मैं एमएस (धोनी) सर को भी देखता रहा हूं कि किस तरह से वह पारी समाप्त करते हैं। मैं भी उसी नंबर पर खेलता हूं, इसलिए मैं यह पारी उन्हें भी समर्पित करता हूं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और वह हर दिन लगभग 150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं। मेरे 'जीन्स' ऐसे हैं और मेरी शारीरिक बनावट ऐसी है कि मेरे शॉट्स में ताकत होती है। मैं खूब अभ्यास भी करता हूं। मैं हर दिन लगभग 100-150 छक्के लगाता हूं। पिछले पांच-छह महीनों से मैंने बहुत अभ्यास किया और इसका असर अब मेरी बल्लेबाजी में देखने को मिल रहा है।

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उन्होंने धोनी की तरह अपने 'हेलीकॉप्टर शॉट' के बारे में भी बात की। उन्होंने 17वें ओवर में वैभव अरोड़ा की गेंद पर इसी तरह का शॉट लगाकर छक्का जड़ा था। मुकुल ने कहा, ''मैंने बचपन से ही उस शॉट का अभ्यास किया है। मुझे यह शॉट खेलना बहुत पसंद है। धोनी जिस तरह से पारी का अंत करते हैं वह भी मुझे पसंद है। वह यॉर्कर पर भी छक्का मार देते थे। अगर आप उस तरह की गेंद पर भी छक्का जड़ देते हैं, तो गेंदबाज कुछ अलग करने के बारे में सोचने लगता है।'' छक्के मारने की अपनी क्षमता और आत्मविश्वास से वह पहले ही एलएसजी के कोच जस्टिन लैंगर का ध्यान खींच चुके हैं। लैंगर ने कहा था कि मुकुल में भारत का मध्यक्रम में सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनने की क्षमता है।

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मुकुल ने कहा, ''अगर कोई इतना बड़ा कोच आपके बारे में कुछ कहता है, तो उन्होंने आपमें कुछ तो देखा ही होगा। उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और मैं भी वैसा ही करना चाहता हूं। आखिरी ओवर में 25 रन और आखिरी गेंद पर पांच रन चाहिए थे। आयुष (बडोनी) गेंदबाजी कर रहे थे। मैंने पहले भी ऐसा किया था इसलिए मुझे भरोसा था। उसी पारी के आधार पर मेरा चयन हुआ।'' पिछले साल दिसंबर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ अंतिम ओवर में जब उनकी टीम को 25 रन की जरूरत थी तब उन्होंने आखिरी गेंद पर लक्ष्य को घटाकर पांच रन कर दिया था। अपनी इस पारी से उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। इसके तुरंत बाद एलएसजी ने उन्हें 2.60 करोड़ रुपये में खरीद लिया।

आईपीएल में अपना तीसरा मैच खेलने के बाद मुकुल ने कहा, "मैंने कभी परिणाम के बारे में नहीं सोचा। मैं बस मैच को आखिर तक ले जाना चाहता था और इसे करीबी मुकाबला बनाना चाहता था। आखिर में यह साबित हो गया कि मैं ऐसा कर सकता हूं। मैंने शुरुआत मध्यम गति के गेंदबाज के रूप में की थी। मैंने विकेटकीपर की भूमिका निभाई थी।" मुकुल के इस सफर में उनकी प्रतिभा के अलावा परिवार से मिली सहयोग ने भी अहम भूमिका निभाई। उनके पिता दलीप ने शादी से पहले ही तय कर लिया था कि वह अपने बेटे को क्रिकेटर बनाएंगे। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी, पारिवारिक घर में अपना हिस्सा बेच दिया और मुकुल के प्रशिक्षण के लिए अपना ठिकाना बदल लिया जबकि उनकी मां सुनीता ने अपने जीवन को पूरी तरह से उसके क्रिकेट के इर्द-गिर्द व्यवस्थित कर दिया था। जयपुर के अरावली कोचिंग सेंटर में मुकुल ने शुरुआत में मध्यम गति के गेंदबाज के रूप में खेलना शुरू किया था।

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