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जीत से बस कुछ कदम दूर था भारत, दिनुशा ने पलट दी बाजी... गंभीर ने टीम इंडिया के जज्बे को सराहा, इस श्रीलंकाई बल्लेबाज की भी जमकर की तारीफ

गंभीर ने भारतीय टीम की मानसिक मजबूती की सराहना की, दिनुशा के जुझारूपन के हुए कायल

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India vs Sri Lanka : भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शुक्रवार को दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के आखिर तक संघर्ष करते रहने के लिए अपनी टीम के जुझारूपन और मानसिक मजबूती की तारीफ करने के साथ ही श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुशा के शानदार प्रदर्शन की भी विशेष रूप से सराहना की। भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में मेजबान श्रीलंका को 165 रन से हराकर बढ़त बनाई थी। कोलंबो में दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन श्रीलंका ने जबरदस्त पलटवार करते हुए भारत को जीत से रोक दिया। इस संघर्ष में दिनुशा ने अहम भूमिका निभाई।

इसके साथ ही भारत ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। दिनुशा ने बृहस्पतिवार को दूसरी पारी में भी शतक जड़कर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और टेस्ट को ड्रॉ कराने में अहम योगदान दिया। इससे पहले भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर किया था। गंभीर ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "टेस्ट क्रिकेट में जज्बा, धैर्य और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है, जो हमारे खिलाड़ियों ने दिखाई। सोनल दिनुशा के असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें विशेष बधाई।"

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दिनुशा ने श्रीलंका की पहली पारी में 103 रन बनाए थे। श्रीलंकाई टीम भारत के नौ विकेट पर 503 रन पर पारी घोषित जवाब में 290 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद दूसरी पारी में भी दिनुशा ने मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन की पारी खेली, जिसमें आठ चौके और दो छक्के शामिल रहे। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कर भारत को आखिरी दिन जीत हासिल करने से रोक दिया।

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दूसरी पारी का शतक दिनुशा के लिए ऐतिहासिक भी रहा। वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में फॉलोऑन खेलने के बाद दोनों पारियों में शतक लगाने वाले केवल तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले भारत के विजय हजारे ने 1948 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर ने 2001 में हरारे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। दिनुशा ने श्रृंखला में बल्लेबाजी के आंकड़ों में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने चार पारियों में कुल 420 रन बनाए। पहले टेस्ट में उन्होंने 100 और 84 रन की पारियां खेली थीं।

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