Final Innings एससीजी में आखिरी पारी : पांचवें एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहेंगे उस्मान ख्वाजा
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज का एससीजी से शुरू हुआ, एससीजी पर खत्म क्रिकेटर का सफर
पाकिस्तान में जन्मे ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज Usman Khawaja ने घोषणा की है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले पांचवें और अंतिम Ashes टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। यह मुकाबला उनके करियर का 88वां और आखिरी टेस्ट होगा।
Sydney Cricket Ground ख्वाजा के करियर का सबसे प्रतीकात्मक मंच रहा है। यहीं से उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की और 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ 171 रन बनाकर एशेज में अपना पहला शतक जड़ा। 35 वर्ष की उम्र में इसी मैदान पर लगाए गए दो शतकों ने उनके करियर को नई ऊर्जा दी, जिसके बाद अगले दो वर्षों में उन्होंने सात शतक जमाए।
चोट, चयन और वापसी की कहानी
वर्तमान श्रृंखला में पीठ दर्द के कारण पर्थ टेस्ट में वह पारी की शुरुआत नहीं कर सके। ब्रिस्बेन टेस्ट से बाहर रहने पर उनके स्थान को लेकर सवाल उठे। एडिलेड में स्टीव स्मिथ के अस्वस्थ होने पर मौका मिला और पहली पारी में 82 रन बनाकर उन्होंने मेलबर्न टेस्ट के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। ऑस्ट्रेलिया 3-1 की बढ़त के साथ उतरते हुए एशेज पहले ही बरकरार रख चुका है।
नस्लीय रूढ़िवादिता पर खुली बात
ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी रहे ख्वाजा ने कहा कि उनकी पाकिस्तानी और मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण उनके साथ कई बार अलग व्यवहार हुआ। चोट को लेकर मीडिया आलोचना और उनकी प्रतिबद्धता पर उठे सवालों को उन्होंने अनुचित बताया। उनका कहना है कि ‘आलसी’ या ‘टीम के लिए नहीं खेलने वाला’ जैसी छवियां नस्लीय सोच से जुड़ी रहीं, जिनसे वह लंबे समय तक जूझते रहे।
विदाई अपनी शर्तों पर
ख्वाजा ने कहा कि उन्हें श्रृंखला शुरू होने से पहले ही अंदाजा हो गया था कि यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय सफर होगा। वह संतुष्ट हैं कि विदाई अपनी शर्तों पर मिल रही है और उम्मीद करते हैं कि उनका सफर दूसरों के लिए प्रेरक बनेगा।
आंकड़े और सम्मान
ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट में 43.49 के औसत से 6,206 रन बनाए हैं, जिनमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं। Cricket Australia के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा कि ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाजों में रहे हैं। 2023 में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप जीतने वाले सत्र में उनका आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर बनना उनके योगदान का प्रमाण है।

