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FIFA Ranking : भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर संसद में सवाल, नई राष्ट्रीय रणनीति पर सरकार ने नहीं खोले पत्ते

सांसद जय प्रकाश ने फीफा रैंकिंग और लगातार गिरते प्रदर्शन पर उठाई चिंता, खेल मंत्री बोले- एआईएफएफ और मौजूदा योजनाओं के जरिए जारी हैं सुधार के प्रयास

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सांकेतिक तस्वीर
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FIFA Ranking : अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में भारत की लगातार गिरती स्थिति और फीफा रैंकिंग को लेकर लोकसभा में चिंता जताई गई, लेकिन केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय फुटबॉल विकास रणनीति या दीर्घकालिक रोडमैप की घोषणा से फिलहाल परहेज किया। सरकार ने संकेत दिए कि भारतीय फुटबॉल में सुधार की मौजूदा जिम्मेदारी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) और पहले से संचालित सरकारी योजनाओं के माध्यम से ही आगे बढ़ाई जाएगी।

यह मुद्दा हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ‘जेपी’ ने लोकसभा में उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या पिछले तीन वर्षों में भारतीय फुटबॉल के लगातार खराब प्रदर्शन और फीफा रैंकिंग में गिरावट के कारणों का आकलन किया गया है तथा क्या फीफा विश्व कप और एएफसी एशियन कप जैसे बड़े लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कोई नई राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जा रही है।

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ़ मनसुख मांडविया ने अपने लिखित उत्तर में नई फुटबॉल नीति या समयबद्ध राष्ट्रीय रणनीति का कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश में फुटबॉल के विकास की प्राथमिक जिम्मेदारी एआईएफएफ की है और खेल मंत्रालय उसके साथ समन्वय बनाकर आवश्यक सहयोग दे रहा है। जवाब से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि भारतीय फुटबॉल को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने के लिए कोई अलग राष्ट्रीय मिशन या दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है या नहीं।

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सरकार ने गिनाईं मौजूदा योजनाएं

सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना के तहत एआईएफएफ को खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, विदेशी एवं भारतीय कोच, खेल विज्ञान, पोषण, चिकित्सा सहायता, उपकरण, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके लिए हर वर्ष एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (एसीटीसी) के माध्यम से बजट स्वीकृत किया जाता है।

ग्रासरूट से एलीट स्तर तक सुधार का दावा

खेल मंत्री ने बताया कि 22 मई, 2025 को एनएसएफ सहायता योजना में संशोधन कर ग्रासरूट प्रतिभा विकास, पेशेवर कोचिंग, खेल विज्ञान और तकनीकी सहायता पर विशेष जोर दिया गया है। फुटबॉल को खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया अकादमियों और राज्य उत्कृष्टता केंद्रों से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) अपने राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान की सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

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