डॉ. ओमप्रकाश कादयान द्वारा रचित ‘धरती को हम स्वर्ग बनाएंगे’ एक प्रेरणादायक बाल कविता संग्रह है, जिसमें लगभग 30 कविताएं संकलित हैं। यह कृति बाल-मन की कोमल भावनाओं, कल्पनाशीलता और नैतिक चेतना को सहज और सजीव अभिव्यक्ति प्रदान करती है। कविताओं के माध्यम से लेखक ने प्रकृति, पर्यावरण, नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम, पारिवारिक स्नेह और परिश्रम जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल और बालोपयोगी ढंग से प्रस्तुत किया है।
‘स्वप्न के जंगल में’, ‘जंगल में उत्सव’, ‘सावन की घटाएं’ तथा ‘प्रकृति की देन निराली’ जैसी कविताएं बच्चों को प्रकृति से जोड़ती हैं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराती हैं। वहीं ‘लालच का फल’, ‘काम करो नेक’, ‘मन में तुम्हारे त्याग भाव हो’ और ‘दीपक-सा जगमगाना सीखो’ जैसी रचनाएं जीवन में सदाचार, त्याग और परिश्रम के मूल्य को सरल भाषा में समझाती हैं। ‘आओ भारत के वीर बालक’ कविता बच्चों में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्य-बोध की भावना जगाती है, जबकि ‘कागज की मेरी नैया’ और ‘मुझको पंख लगा दो भगवन’ जैसी कविताएं बाल-कल्पना की उड़ान और सौंदर्य-बोध को उजागर करती हैं।
डॉ. कादयान की लेखनी में बाल-सुलभ सरलता और रचनात्मकता के साथ-साथ शिक्षाप्रद संदेश भी निहित हैं। भाषा सहज, सरस और प्रवाहपूर्ण है, जिससे विद्यार्थी और पाठक दोनों आसानी से जुड़ते हैं। कविताएं न केवल मनोरंजक हैं, बल्कि बच्चों के नैतिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास में सहायक एवं प्रेरक भी हैं।
कुल मिलाकर यह पुस्तक बच्चों के समग्र विकास हेतु एक सार्थक, प्रेरक और गुणवत्ता का काव्य-संकलन है।
पुस्तक : धरती को हम स्वर्ग बनाएंगे कवि : डॉ. ओमप्रकाश कादयान प्रकाशक : नीलम पब्लिकेशन, मुंबई पृष्ठ : 63 मूल्य : 300.

