पुस्तक समीक्षा

बिम्बों-प्रतीकों के अहसास

बिम्बों-प्रतीकों के अहसास

प्रगति गुप्ता

जिस शहर में मासूमियत परिपक्व होकर उड़ाने भरती है, वह शहर इनसान को भुलाए नहीं भूलता। कवयित्री ने अपनी कविताओं में शहर को माध्यम बनाकर छोटी-छोटी बातों और उनमें छिपे संदेशों को बखूबी समेटा है।

न घंटी न घाट/ न घटा कुछ यहां/ चहल पहल से भरा शहर/ अक्सर याद आता है....

प्राय: किसी भी शहर को घटित सुर्ख़ियों से याद किया जाता है। पर कवयित्री अपने शहर को शांति और सुकून की वजह से याद करती हैं। तभी उनकी कलम छोटी-छोटी खुशियों को शब्दों में बांधकर प्रसन्न दिखती है।

जो छू गया बस उसको/ उसी को बताती/ तिरंगे के तीनों रंगों की सलामती चाहती/ इसे बड़ी बड़ी बातें समझ नहीं आती...

आज इनसान भागदौड़ की जिंदगी जी रहा है। जहां औपचारिकताएं गहरे तक पैठ गई हैं। रिश्तों की परिभाषाएं बदल गई हैं। कवयित्री की कविता ‘कैसा यह जीवन’ की पंक्तियों का उल्लेख करूंगी, जहां मार्मिकता समाहित है।

न घरवाला न घरवाली/ न घर की रखवाली/ फिर भी घर चले जा रहा है...

जो संबंध भावनाओं और संवेदनाओं के साथ चलते थे, वहां सब यंत्रवत हो गया है। परिवार, मुहब्बत, उदासी, परिंदे, ख्वाब जैसी कई रचनाओं में दर्द उतरा है। गहरे भावों से जुड़ी कविता ‘समेट ले’ की पंक्तियों को रेखांकित जरूर करूंगी।

अपनी चाहतों को समेटना/अब शुरू कर/ अपने आप को लपेटना अब शुरू कर....

गुरूर, लालच, अहम, बेरुखी जैसे भावों के संग व्यक्ति क्षणिक आनंद बटोरकर खुश होता है पर जब इनसान इन्हीं मनोभावों से निकलकर तटस्थ होकर सोचता है तो स्वयं के रंक होने का अहसास होता है। कविता ‘रावण’ अच्छा व्यंग्य है। ‘इश्क फगवाड़ा’ 42 कविताओं और 95 हाइकुओं का संग्रह है। विविधता भरे इस संग्रह में भावों और समसामयिक विषयों पर अच्छे प्रतीकों और बिंबों का उपयोग कर सृजन किया गया है।

पुस्तक : इश्क फगवाड़ा कवयित्री : रजनी पाठक प्रकाशक : केएच पचौरी, गाजियाबाद पृष्ठ : 92 मूल्य : रु. 200.

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

रसायन मुक्त खिलौनों का उम्मीद भरा बाजार

रसायन मुक्त खिलौनों का उम्मीद भरा बाजार

जन सरोकारों की अनदेखी कब तक

जन सरोकारों की अनदेखी कब तक

एमएसपी से तिलहन में आत्मनिर्भरता

एमएसपी से तिलहन में आत्मनिर्भरता

अभिवादन से खुशियों की सौगात

अभिवादन से खुशियों की सौगात

मुख्य समाचार

300 किसान दे चुकी आहुति, कब तक मूकदर्शक बने रहेंगे : दीपेंद्र

300 किसान दे चुकी आहुति, कब तक मूकदर्शक बने रहेंगे : दीपेंद्र

कांग्रेस सांसद ने राज्यसभा में उठाई मांग, किसानों के नाम शोक...

पेट्रोल-डीजल दामों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का हल्ला बोल, ट्रैक्टर पर विधानसभा पहुंचे हुड्डा!

पेट्रोल-डीजल दामों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का हल्ला बोल, ट्रैक्टर पर विधानसभा पहुंचे हुड्डा!

वैट की दर कम करके प्रदेश के लोगों को राहत दे गठबंधन सरकार : ...