जीवन में इतने अच्छे-अच्छे लोग मिले,
सबसे कुछ अच्छी सीख मिली।
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जिनको कहते थे लोग बुरे,
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वे भी तो इतने बुरे न थे!
करते ही उनके साथ जरा-सी अच्छाई,
वे दूना बदला देने में जुट जाते थे।
खुद भले गिरे हों दलदल में,
पर मुझ पर लगने से वे दाग बचाते थे!
जितना वे करते थे मुझ पर विश्वास,
काश! मैं भी उन पर उतना विश्वास जता पाता।
मैले कपड़ों से डरे बिना यदि उनको गले लगा पाता,
तो दुनिया यह कितनी सुंदर बन सकती थी!
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