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यात्रा वृत्तांत के जरिए सांस्कृतिक झांकी

पुस्तक समीक्षा

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पुस्तक ‘ऐसा देश है मेरा’ डॉ. मनोज भारत द्वारा लिखित एक संस्मरण संग्रह है, जिसमें लेखक ने देश के विभिन्न स्थानों की 14 यात्राओं का वर्णन किया है। इन यात्राओं में न केवल स्थानों की भौगोलिक विशेषताएं प्रस्तुत की गई हैं, बल्कि वहां के रहन-सहन, जीवन की परिस्थितियों और सांस्कृतिक परंपराओं का भी गहन अध्ययन किया गया है। लेखक ने विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वहां की जीवनशैली पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।

लेखक ने हरियाणा के जादू लाहौरी गांव का भी उल्लेख किया है, जहां बाबा जगन्नाथ मंदिर है। उन्होंने वहां के लोगों के विश्वास और मंदिर के महत्व को बताया है। साथ ही, हिंदी के पहले कहानीकार पं. माधव प्रसाद मिश्र के पैतृक आवास का दौरा भी किया और उनके वंशजों से बातचीत की। इसके बाद, उन्होंने स्वतंत्र समर वीरों को फांसी दिए जाने वाले बरगद के पेड़ के बारे में लिखा, जो ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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मध्य प्रदेश की भोज नगरी और होशंगाबाद में की गई यात्राओं का भी वर्णन किया गया है। लेखक ने भोज ताल की सुंदरता और होशंगाबाद के गुरुकुल में बच्चों को दी जा रही योग शिक्षा पर चर्चा की है। यह पुस्तक न केवल यात्रा के भौतिक पहलुओं को दर्शाती है, बल्कि वहां की सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का भी जिक्र करती है।

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उत्तर प्रदेश के हरदोई में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान लेखक ने वहां के सामाजिक जीवन और चालीसा अधिवेशन का उल्लेख किया है। महाराष्ट्र के पुणे, त्र्यंबकेश्वर और नांदेड़ जैसे स्थानों के धार्मिक महत्व को भी लेखक ने विस्तार से बताया है। हिंगोली जिले के नागनाथ ज्योतिर्लिंग का भी वर्णन किया गया है, जो एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है।

पुस्तक का मुख्य आकर्षण यह है कि डॉ. मनोज भारत ने अपनी यात्रा के दौरान प्रत्येक क्षेत्र की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित किया है। हर यात्रा के माध्यम से उन्होंने उन स्थानों की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्वता को उजागर किया है। लेखक की लेखन शैली सरल और स्पष्ट है, जो पाठकों को यात्रा के अनुभवों से सीधे जोड़ने में सफल होती है।

कुल मिलाकर, ‘ऐसा देश है मेरा’ एक ऐसा संस्मरण संग्रह है जो भारतीय समाज और संस्कृति की विविधताओं को समझने में सहायक है।

पुस्तक : ऐसा देश है मेरा (यात्रा संस्मरण) लेखक : डॉ. मनोज भारत प्रकाशक : साहित्यागार धामाणी मार्केट की गली, जयपुर पृष्ठ : 137 मूल्य : रु. 250.

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