यह विडंबना ही है कि घर-परिवार के लिए अपना जीवन होम करने वाली स्त्री ही अपने स्वास्थ्य को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाह रहती है। वहीं परिवार के लोग भी उसके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नजर नहीं आते। एक अध्ययन के मुताबिक, देश में सत्तर फीसदी महिलाएं प्रसव के दौरान एनीमिक पायी जाती हैं। ब्रैस्ट कैंसर उनके लिए आज का भयावह सच है। न चाहते हुए भी उनके हिस्से में एचआईवी जैसा महारोग आ जाते हैं।
हाल ही में प्रकाशित ‘स्त्री स्वास्थ्य की संपूर्ण जानकारी’ नामक पुस्तक महज एक किताब ही नहीं है, बल्कि महिला स्वास्थ्य के लिए बचपन से बुढ़ापे तक की हर उम्र की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है। पेशे से चिकित्सक डॉ. नीना कनौजिया की यह पुस्तक महिला स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और अंधविश्वासों की परतों को हटाने का प्रयास करती है। साथ ही बताती है कि अब स्त्री चाहे अमीर हो या गरीब, उसे अपने खाने को कैसे पौष्टिक बनाना है।
पुस्तक सुरक्षित मातृत्व के उपायों पर केंद्रित है। डॉ. नीना अपने चिकित्सीय जीवन के लंबे अनुभव के आधार पर गर्भस्थ शिशु के विकास, गर्भावस्था के दौरान होने वाली परेशानियों, विशेष सावधानियों, गर्भावस्था के दौरान जरूरी व्यायाम, गर्भवती महिलाओं के लिए संगीत चिकित्सा के लाभ तथा रोग से निपटने में योग की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालती हैं।
यह पुस्तक स्त्रियों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बीमारी से बचाव के तरीके सुझाती है। खासकर सुरक्षित मातृत्व को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है। दरअसल, पुस्तक का असली मकसद महिलाओं, खासकर गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। महिलाओं को अपने शरीर को समझने, अपने आज तथा भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुस्तक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है। इसके अलावा, पुस्तक में आयोडीन के महत्व, बेहतर नींद, ग्रंथियों की विकृति, पीसीओडी समस्या के कारण व समाधान, मानसिक परिवर्तन, तनाव दूर करने के उपाय, मधुमेह व गर्भावस्था संबंधी अन्य रोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। निश्चित रूप से इस पुस्तक को पढ़ने के बाद स्त्री अपने स्वास्थ्य को लेकर एक नई दृष्टि पा सकती है, साथ ही अपने आसपास की महिलाओं को भी जागरूक कर सकती है।
पुस्तक : स्त्री स्वास्थ्य की संपूर्ण जानकारी लेखक : डॉ. नीना कनौजिया प्रकाशक : आधारशिला पब्लिशिंग हाऊस, चंडीगढ़ पृष्ठ : 142 मूल्य : रु. 350

