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दीनबंधु छोटूराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें युवा: सीपी राधाकृष्णनन

उपराष्ट्रपति ने डीसीआरयूएसटी के दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों किया सम्मानित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन ने दीनबंधु छोटूराम को नमन करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि छोटूराम ने किसानों और वंचित...

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मुरथल स्थित डीसीआरयूएसटी में गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा को सम्मानित करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन। साथ मौजूद हैं राज्यपाल प्रो. असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सैनी। -हप्र
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उपराष्ट्रपति ने डीसीआरयूएसटी के दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों किया सम्मानित

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णनन ने दीनबंधु छोटूराम को नमन करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया तथा उनके प्रयासों ने देश की कृषि व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया।

उपराष्ट्रपति सोमवार को मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था लागू करने में छोटूराम की भूमिका ऐतिहासिक रही है, जिससे हरियाणा आज एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में पहचान बना सका है।

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दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि गोल्ड मेडल प्राप्त करने वालों में लगभग 64 प्रतिशत छात्राएं हैं, जबकि कुल उत्तीर्ण विद्यार्थियों में महिलाओं की भागीदारी करीब 50 प्रतिशत है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया।

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उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए युवाओं से नवाचार, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी समाधानों की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

नशे से दूर रहने का किया आह्वान

उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए विद्यार्थियों से इससे दूर रहने और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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