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अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों की जननी है पंजाब-हरियाणा की माटी : डल्लेवाल

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में एकजुट हों किसान, 19 मार्च को दिल्ली कूच का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की माटी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों...

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जींद में रविवार को आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचे किसान। -हप्र
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अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में एकजुट हों किसान, 19 मार्च को दिल्ली कूच का आह्वान

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की माटी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जन्म देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते में किसानों के हितों की अनदेखी की गई है, जिसका किसान एकजुट होकर विरोध करेंगे।

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रविवार को जींद की जाट धर्मशाला में आयोजित किसान सम्मेलन में बोलते हुए डल्लेवाल ने कहा कि दोनों राज्यों के लोगों ने कभी जुल्म को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता खेती, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए घातक साबित हो सकता है। देशभर के किसानों को इस समझौते के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकना चाहिए।

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खरखोदा से शुरू हुई किसान जागृति यात्रा 25वें दिन जींद पहुंची। रास्ते में खरखोदा अनाज मंडी, सिसाना, गोरड़, भैंसवाल चौक, गोहाना सब्जी मंडी, नूरान खेड़ा और ललित खेड़ा में यात्रा का स्वागत किया गया। जींद में आयोजित महापंचायत में प्रदेशभर से हजारों किसान पहुंचे।

इस दौरान डल्लेवाल ने कहा कि जो किसान संगठन एमएसपी गारंटी कानून, किसानों की कर्ज मुक्ति और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के लिए गंभीर हैं, उनकी एकजुटता के लिए वे सबके पैरों में सिर रखने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून की मांग सर्वोपरि है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सम्मेलन में किसान नेताओं ने 19 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके कि मुक्त व्यापार समझौते से खेती, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर बाहर रखा जाए।

महापंचायत में विभिन्न राज्यों से किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि किसान आंदोलन केवल आर्थिक नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। महापंचायत में सुरेश पाटिल (कर्नाटक), सतनाम सिंह बेहरु (पंजाब), अरुण पटेल (मध्यप्रदेश), इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान), होशियार सिंह, वीरेन्द्र पहल, हर्षदीप सिंह, बलवान लोहान, दशरथ मलिक, शमशेर पूनिया, मनोज जागलान, रविंदर अहलावत, दलबीर मलिक, बबला प्रधान, बलप्रीत सिंह, शमशेर तितरम, हर्षदीप सिंह गिल आदि खासतौर पर मौजूद रहे।

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