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सनातन परंपराएं भारतीय संस्कृति की आत्मा, 108 कुंडीय महायज्ञ से सुदृढ़ हो रही एकता: कृष्ण बेदी

महाआरती में पहुंचे कैबिनेट मंत्री, संतों के आदर्श आत्मसात करने का आह‍‍्वान सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं।वे जींद में...

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जींद में चल रहे 9 दिवसीय महायज्ञ में महाआरती में भाग लेते कैनिनेट मंत्री कृष्ण बेदी। -हप्र
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महाआरती में पहुंचे कैबिनेट मंत्री, संतों के आदर्श आत्मसात करने का आह‍‍्वान

सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं।वे जींद में आयोजित 108 कुंडीय महायज्ञ की महाआरती में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह आयोजन जगतगुरु पीठाधीश चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम महाराज के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। मंत्री बेदी ने कहा कि भारत भूमि सदियों से संतों, ऋषि-मुनियों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। भारतीय संस्कृति का मूल आधार आध्यात्म, नैतिकता और मानवता के उच्च आदर्शों पर टिका है।

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संत-महापुरुषों ने अपने तप, त्याग और उपदेशों से समाज को सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद, पुराण और महाकाव्य जैसे ग्रंथ मानव जीवन के मार्गदर्शक हैं। रामायण जहां मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश देती है, वहीं महाभारत धर्म-अधर्म के संघर्ष में सत्य की विजय का प्रतीक है। भगवद्गीता प्रत्येक संकट में कर्तव्य पालन और कर्मयोग की प्रेरणा देती है।

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बेदी ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन पर्यावरण शुद्धि के साथ-साथ समाज को एकजुट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर कर्ण बेदी, भारत भूषण टांक, पुष्पा तायल, गौरव भारद्वाज समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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