राजस्थान का प्रदूषित पानी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं : राव इंद्रजीत
गडकरी के निवास पर हुई बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल भी हुए शामिल राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी से हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर आ रहे प्रदूषित और रसायनयुक्त पानी को लेकर केंद्र और दोनों राज्यों के बीच...
गडकरी के निवास पर हुई बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल भी हुए शामिल
राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी से हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर आ रहे प्रदूषित और रसायनयुक्त पानी को लेकर केंद्र और दोनों राज्यों के बीच गंभीर मंथन हुआ। मंगलवार देर शाम केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली स्थित निवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मौजूद रहे।
बैठक में राव इंद्रजीत सिंह ने दो टूक कहा कि राजस्थान का प्रदूषित पानी किसी भी सूरत में हरियाणा की ओर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भिवाड़ी से लगातार दूषित पानी धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जा रहा है, जिससे वहां गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है।
राव ने कहा कि दूषित पानी को रोकने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा बनाए गए ब्रेकर (रैंप) को भी रातों-रात तोड़ दिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले करीब दस दिनों से भिवाड़ी का गंदा पानी धारूहेड़ा में जमा हो रहा है। राव इंद्रजीत ने बैठक में कहा कि प्राकृतिक जल बहाव भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर है और पहले केवल बरसाती पानी ही यहां पहुंचता था, लेकिन पिछले छह-सात वर्षों से औद्योगिक प्रदूषित पानी जानबूझकर इस ओर बहाया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की कि वह अपने औद्योगिक पानी को शुद्ध करने की व्यवस्था तत्काल शुरू करे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि धारूहेड़ा के मसानी बैराज में एकत्रित प्रदूषित पानी को निकालने के लिए हरियाणा सरकार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वहीं मानसून के दौरान भिवाड़ी की ओर से आने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए नेशनल हाईवे के साथ-साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 25-25 करोड़ रुपये हरियाणा और राजस्थान सरकार वहन करेंगी, जबकि शेष 100 करोड़ रुपये सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा दिए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यदि भिवाड़ी से आ रहे प्रदूषित पानी का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भिवाड़ी में ही इस पानी को शुद्ध कर औद्योगिक इकाइयों और किसानों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भिवाड़ी में 40 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मार्च माह तक चालू कर दिया जाएगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी आश्वासन दिया कि मार्च तक एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे दूषित पानी की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण संभव होगा। बैठक में राजस्थान व हरियाणा सरकार के मंत्री राव नरवीर, सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव उमाशंकर, हरियाणा सिंचाई विभाग के एसीएस अनुराग अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

