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स्कूलों में प्राकृतिक खेती को विषय का दिया जाए दर्जा : राम अवतार शर्मा

प्राइवेट एसोसिएशन ने प्राकृतिक खेती के समर्थन में छेड़ी मुहिम हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इसे शिक्षा से जोड़ने की मांग जोर पकड़ रही है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने स्कूलों में प्राकृतिक खेती को...

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भिवानी में प्रेसवार्ता करते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी। -हप्र
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प्राइवेट एसोसिएशन ने प्राकृतिक खेती के समर्थन में छेड़ी मुहिम

हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इसे शिक्षा से जोड़ने की मांग जोर पकड़ रही है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने स्कूलों में प्राकृतिक खेती को एक विषय के रूप में शामिल करने की मांग उठाई है। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राम अवतार शर्मा ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से पाठ्यक्रम में इसे शामिल करने का आग्रह किया है।

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि गुजरात के राज्यपाल एवं प्राकृतिक खेती के अग्रदूत आचार्य देवव्रत द्वारा शुरू की गई प्राकृतिक खेती की मुहिम को जन-जन तक पहुंचाना समय की जरूरत है। उनका कहना है कि रासायनिक खाद के बढ़ते इस्तेमाल से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं।

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उन्होंने जानकारी दी कि 21 अप्रैल को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और प्राकृतिक खेती विषय पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें आचार्य देवव्रत मुख्यातिथि होंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 5 हजार शिक्षक भाग लेंगे, जो बाद में अपने-अपने स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करेंगे।

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एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि मिड-डे मील में प्राकृतिक खेती से तैयार अनाज का उपयोग किया जाए। साथ ही सरकारी स्कूलों की खाली पड़ी जमीन पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने का सुझाव भी दिया गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि 21 अप्रैल के कार्यक्रम में सभी सरकारी स्कूलों के मिड-डे मिल के प्रभारी और कृषि विभाग के विशेषज्ञों को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण में शामिल किया जाए।

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