महम में किसानों का फूटा गुस्सा

सांसद रामचंद्र जांगड़ा को कार्यक्रम में जाने से रोका, गाड़ी पर बरसाये मुक्के

स्कूल में जाने से रोका, काले झंडे दिखाकर जताया विरोध

सांसद रामचंद्र जांगड़ा को कार्यक्रम में जाने से रोका, गाड़ी पर बरसाये मुक्के

महम में शनिवार को राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा की गाड़ी का घेराव कर रहे किसानों को रोकते पुलिसकर्मी। -हप्र

हरीश भारद्वाज/हप्र

रोहतक, 27 फरवरी

राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का शनिवार को उनके गृह नगर महम में ही विरोध हो गया। जांगड़ा महम स्थित अपने निवास स्थान से मात्र एक किलोमीटर दूर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान आंदोलनकारी किसानों को उनके कार्यक्रम की भनक लग गई और वे स्कूल के बाहर जा बैठे। कार्यक्रम के बाद जैसे ही सांसद स्कूल गेट के बाहर पहुंचे तो किसानों ने उनकी गाड़ी का घेराव कर दिया और उन्हें काले झंडे दिखाए। इस दौरान कई युवाओं ने उनकी गाड़ी पर मुक्के भी बरसाए। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद किसी तरह सांसद की गाड़ी को वहां से निकलवाया। पुलिस ने मामले में 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

किसानों का कहना था कि जब हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के चारों ओर बॉर्डर पर बैठकर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में उनका साथ देने की बजाय भाजपा सांसद कार्यक्रमों में शिरकत कर मृतक किसानों का मजाक उड़ा रहे हैं। भाकियू के महम अध्यक्ष अंकुश व फरमाना गांव के निवर्तमान सरपंच आशीष, श्रीओम बडाली ने विरोध जताते हुए कहा कि महम विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में भाजपा-जजपा के मंत्रियों, विधायकों व सांसदों को नहीं घुसने दिया जाएगा। कार्यक्रम में अंर्तराष्ट्रीय पहलवान एवं भाजपा नेता योगेश्वर दत्त को भी आना था, लेकिन किसानों के विरोध को देखते हुए वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। निवर्तमान सरपंच आशीष प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे जबकि महम थाने में तैनात उनकी पत्नी अपने हाथों में डंडे लेकर पुलिस बल के साथ पति सहित अन्य प्रदर्शनकारियों को सांसद के काफिले के आगे से हटा रही थी।

विरोध का तरीका बिल्कुल गलत

इस बारे सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र में हर किसी का अधिकार है, लेकिन किसी कार्यक्रम में पहुंच कर इस तरह का प्रदर्शन करना स्वस्थ लोकतंत्रात्रिक परंपरा नहीं है, इसकी निंदा करनी चाहिए। जांगड़ा ने बताया कि स्कूली बच्चों का कार्यक्रम था और इसमें पहलवान खेलरत्न योगेश्वर दत्त को भी आना था। स्कूल में पहुंचकर बाधा पहुंचाना गलत है। इन हरकतों की वजह से अगर अंर्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओलंपियन को कार्यक्रम में आने से वंचित होना पड़ा।

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