जाखोदा स्थित बालाजी इंडस्ट्रीज एरिया में एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक विकास व प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के अनियमित औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित करने के लिए बनाई गई पॉलिसी के तहत आगामी समय में खुलने वाले पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के विषय पर चर्चा हुई।बैठक में पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि औद्योगिक नगरी बहादुरगढ़ में एक विशेष रूप में पहचान बना चुके जाखोदा स्थित बालाजी इंडस्ट्रीज एरिया, नजदीक केएमपी आज प्रदेश सरकार को राजस्व देने के साथ-साथ सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है। स्थानीय स्तर पर विकसित यह औद्योगिक क्षेत्र अब सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत वैध होने के लिए आवेदन करने के लिए जल्द पोर्टल शुरू होगा, जिससे क्षेत्र के उद्योगपतियों में इस औद्योगिक क्षेत्र के नियमित होने की उम्मीद जगी है।उन्होंने बताया कि बालाजी इंडस्ट्रीज एरिया में छोटी और मध्यम श्रेणी की अनेक इकाइयाँ संचालित हो रही हैं, जिनमें प्लास्टिक, पैकेजिंग, स्टील, फर्नीचर और अन्य उत्पादन कार्य किए जा रहे हैं। इन इकाइयों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला हुआ है। इससे न केवल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है, बल्कि आसपास के गांवों और कॉलोनियों के लोगों को भी आजीविका का स्थायी साधन प्राप्त हुआ है।बैठक में बालाजी इंडस्ट्रीज एरिया वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक नरदेव दहिया, प्रधान सुरेश दलाल, महासचिव सरदार अमरीक सिंह, सह सचिव दीपक गुप्ता, उप प्रधान सुशील पारीक, राकेश गोयल कोषाध्यक्ष, दीपक गुप्ता, गुलाब सैनी,कृष्ण सिंगला , हनुमान ओला ने कहा कि सरकार द्वारा जैसे ही नियमितीकरण के लिए पॉलिसी के तहत पोर्टल शुरू होगा तो बालाजी इंडस्ट्रियल एरिया को नियमित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन कर दिया जाएगा। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि सरकार से औपचारिक मान्यता मिलने के बाद यहां आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार संभव हो सकेगा। बालाजी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बालाजी इंडस्ट्रियल एरिया के नियमितीकरण के बाद यहां नए निवेशकों का आगमन बढ़ेगा, नई इकाइयां लगेगी और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे प्रदेश सरकार को टैक्स और अन्य माध्यमों से अधिक राजस्व प्राप्त होगा, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।स्थानीय उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की है कि नियमितीकरण के लिए जल्द से जल्द पोर्टल शुरू करके इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने जाए, ताकि नियमितीकरण के उपरांत उद्योगों को कानूनी सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।