भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुदेश छिकारा ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में एआईयू द्वारा विकसित भारत 2047 में नारी की भूमिका विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला छात्र संसद के समापन समारोह में महिला छात्र संसद प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों अपने अंदर बेहतर नेतृत्व के गुण विकसित करें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं महिला सशक्त नेतृत्व की दिशा में यह छात्र संसद एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। आज प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं का प्रदर्शन बेहतर है। इस संसद में आपने बहुत कुछ सीखा है।
वहीं चौधरी बंसीलाल विवि की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने बतौर अध्यक्ष अपने संबोधन में कहा कि संसद कानून एवं नीतियों को बनाने के लिए सबसे उच्च संस्थान है। राष्ट्रीय महिला छात्र संसद के आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में नेतृत्व के गुण विकसित करने, संसदीय अधिकार और महिला सशक्तीकरण, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व कौशल और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का लक्ष्य राष्ट्रीय महिला छात्र संसद के माध्यम से युवा महिलाओं की क्षमता और शक्ति का उपयोग करते हुए उनके विकास और उन्नति के लिए एक मंच प्रदान करना है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मालिक ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। महिला छात्र संसद में निर्णायक की भूमिका डॉ. अनुराधा, डॉ. सुहाना, डॉ. ईशानी ने निभाई। टीम मैनेजर्स एवं प्रतिभागी छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया में विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं एवं प्रदत सुविधाओं की सराहना की है।

