जींद जिला बार एसोसिएशन की चौधर की जंग ने जींद के वकीलों को पहली बार दो धड़ों में बांट दिया है। जिला बार एसोसिएशन के चुनावी इतिहास में पहली बार चुनाव से पहले चुनाव को लेकर ही रेफरेंडम की नौबत आ गई। शुक्रवार को होने वाले जींद जिला बार एसोसिएशन चुनावों से ठीक एक दिन पहले बृहस्पतिवार को रेफरेंडम हुआ, जिसमें 482 वकीलों ने 27 फरवरी को होने वाले चुनाव के पक्ष में वोट डाली, जबकि 93 ने शुक्रवार को होने वाले चुनाव के विरोध में वोटिंग की। 4 वकीलों के वोट रद्द हो गए। इससे अब शुक्रवार को होने वाले चुनाव और भी रोचक हो चले हैं।जिला जींद बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का कार्यकाल पिछले साल दिसंबर में पूरा हो गया था। पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने से पहले नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, जबकि इससे पहले नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया निर्वतमान कार्यकारिणी अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले शुरू करवा देती थी। इस बार नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी शुरू नहीं करवाई गई तो बार एसोसिएशन की आम सभा ने नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाने का फैसला लिया और 27 फरवरी को चुनाव करवाने का ऐलान कर दिया। इस ऐलान का बार एसोसिएशन के दिसंबर 2025 तक के लिए प्रधान चुने गए विकास लोहान और उनके कुछ साथियों ने विरोध करते हुए 27 फरवरी को होने वाले चुनाव को असंवैधानिक करार देते हुए बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा और बार काउंसिल इंडिया का दरवाजा खटखटा दिया और कहा कि 27 फरवरी को जींद बार एसोसिएशन का चुनाव नहीं होना चाहिए। विकास लोहान और उनके समर्थकों ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ हरियाणा के चुनाव से पहले जींद जिला बार एसोसिएशन का चुनाव नहीं करवाया जा सकता। लोहान और उनके समर्थकों ने यह भी कहा कि बार काउंसिल ऑफ हरियाणा और बार काउंसिल ऑफ इंडिया जींद बार एसोसिएशन के 27 फरवरी के चुनाव पर रोक लगा चुकी है, जबकि जींद बार एसोसिएशन के ज्यादातर सदस्य 27 फरवरी को चुनाव करवाने के पक्ष में हैं।पहली बार रेफरेंडम की नौबतजींद बार एसोसिएशन के इतिहास में पहली बार चुनाव को लेकर इतनी बड़ा घमासान हुआ है कि चुनाव से पहले रेफरेंडम करवाने की नौबत आई। रेफरेंडम करवाने की नौबत भी शुक्रवार को होने वाले चुनाव पर रोक लगवाने के लिए जिला बार एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी की जींद प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद आई थी। बृहस्पतिवार को रेफरेंडम कड़े सुरक्षा इंतजारों के बीच हुआ। इसमें निर्वाचन अधिकारी दलबीर शर्मा की देखरेख में वोटिंग हुई। निर्वाचन अधिकारी दलबीर शर्मा के अनुसार जिला बार एसोसिएशन के 482 सदस्य वकीलों ने शुक्रवार को होने वाले चुनाव के समर्थन में वोट डाली, जबकि 93 वकीलों ने इसके विरोध में मतदान किया। 4 वोट रिजेक्ट हुए।एक धड़े ने किया बहिष्कारबृहस्पतिवार को जिला बार एसोसिएशन चुनावों को लेकर हुए रेफरेंडम का जिला बार एसोसिएशन के एक धड़े ने बहिष्कार किया। बहिष्कार को लेकर एडहॉक कमेटी के सदस्य जयनारायण भारद्वाज, सत्यनारायण सिंह, कंवर रामपाल राणा, बिजेंद्र लाठर और धीरेंद्र सैनी ने कहा कि 27 फरवरी को करवाया जा रहा चुनाव पूरी तरह से असंवैधानिक है। बार काउंसिल आफ इंडिया और बार काउंसिल आफ पंजाब एंड हरियाणा जींद जिला बार एसोसिएशन के 27 फरवरी के प्रस्तावित चुनाव पर रोक लगा चुकी है। एडहॉक कमेटी ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया केवल 7 दिन के लिए घोषित की गई।। जिला बार एसोसिएशन की वोटर लिस्ट नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाई गई। जिला बार एसोसिएशन जींद का चुनाव बार काउंसिल आफ पंजाब एंड हरियाणा और बार काउंसिल आफ इंडिया के नियम अनुसार ही होगा।