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हरियाणा में अहीरवाल से होना चाहिए सीएम : अखिलेश यादव

भांजी की शादी में भात भरने पहुंचे सपा प्रमुख, महिला आरक्षण, जनगणना व अहीर रेजिमेंट पर रखी बेबाक राय उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान ने हरियाणा की सियासत को गरमा...

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रेवाड़ी में अखिलेश यादव का स्वागत करते पूर्व मंत्री कै. अजय सिंह यादव व चिरंजीव राव। -ट्रिन्यू
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भांजी की शादी में भात भरने पहुंचे सपा प्रमुख, महिला आरक्षण, जनगणना व अहीर रेजिमेंट पर रखी बेबाक राय

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान ने हरियाणा की सियासत को गरमा दिया है। रेवाड़ी में एक पारिवारिक कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए मुख्यमंत्री भी इसी क्षेत्र से होना चाहिए। उन्होंने अहीर रेजिमेंट की मांग का भी खुलकर समर्थन किया।

रेवाड़ी में भांजी की शादी में मौजूद पूर्व मंत्री अखिलेश यादव। -हप्र
रेवाड़ी में भांजी की शादी में मौजूद पूर्व मंत्री अखिलेश यादव। -हप्र

अखिलेश यादव अपनी भांजी डॉ. श्वेता यादव की शादी में शामिल होने के लिए रेवाड़ी पहुंचे थे। बता दें कि अखिलेश यादव के पिता स्व. मुलायम सिंह यादव की चचेरी बहन कुसुमलता की रेवाड़ी में शादी हुई थी। डा. श्वेता कुसुमलता की नातिन व प्रमुख चिकित्सक डाॅ. विराट यादव की बहन है। डा. श्वेता की रेवाड़ी के ही डा. ऋषभ के साथ विवाह हुआ है।

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इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखी। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के नाम पर केवल नारेबाजी करती है, लेकिन वास्तविक रूप से उन्हें अधिकार देने के लिए गंभीर नहीं है।

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उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की एकजुटता के चलते यह बिल आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने केंद्र सरकार पर जनगणना से बचने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि जनगणना होने से विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और सरकार को उनके अधिकार सुनिश्चित करने होंगे। उन्होंने परिसीमन के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि इसे थोपने की कोशिश की जा रही है, जिससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र इसलिए बुलाया, ताकि विपक्षी नेता चुनावी राज्यों में प्रचार न कर सकें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव इंडी गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी और वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम में भाजपा की स्थिति कमजोर होने का भी दावा किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे ‘मित्र’ की आवश्यकता नहीं है, जो केवल राजनीतिक लाभ के लिए संबंध बनाए।

रेवाड़ी दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के निवास पर भी पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हो गईं, हालांकि कैप्टन अजय सिंह यादव ने इसे पारिवारिक मुलाकात बताते हुए किसी भी राजनीतिक अर्थ से इनकार किया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राव बिजेंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन अरविन्द यादव व पूर्व केन्द्रीय मंत्री हुकम देव, पूर्व मंत्री जगदीश यादव, पूर्व विधायक चिरंजीव राव सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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