हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने सांसद नवीन जिंदल द्वारा बोर्ड को बंद करने के संबंध में दिए गए बयान पर कड़ा रोष प्रकट किया है। इस विवादित बयान के विरोध में और विभिन्न कर्मचारी मांगों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बोर्ड कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इसी कड़ी में स्थानीय हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कैंपस में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और केंद्र व राज्य कर्मचारी संघों के आह्वान पर मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संगठन-1016 (संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ) की एक द्वार सभा का आयोजन किया गया।सभा की अध्यक्षता प्रधान सत्यवीर स्वामी ने की, जबकि मंच का संचालन महासचिव सोमवीर पूनिया द्वारा किया गया। सभा में सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि एकजुट हुए। सभा को संबोधित करते हुए हेमसा के राज्य उपप्रधान राजेश लाम्बा ने सांसद नवीन जिंदल के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शिक्षा के मूलभूत ढांचे को खत्म करने की है। उन्होंने चेतवानी दी कि शिक्षा बोर्ड को बचाने के लिए सभी विभागों के कर्मचारी और नेता एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे तथा सरकार की इस तानाशाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वही सर्व कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान जरनैल सिंह ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार सस्ते मजदूर तैयार करना चाहती है।उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग को निजी हाथों में सौंपने की कोशिशों का डटकर विरोध होगा। उन्होंने 12 फरवरी की हड़ताल को गूंगी-बहरी सरकार को जगाने की मुहिम बताया। सभा के अंत में प्रधान सत्यवीर स्वामी ने सभी कर्मचारियों को एकजुट रहने का भरोसा दिलाया। सत्यवीर स्वामी ने जिंदल के बयान की कड़ी शब्दों में निंदा की तथा चेताया कि बोर्ड एक स्वायत्त संस्था है। इसे सरकार से एक रुपये का भी अनुदान नहीं मिलता है। गरीब बच्चों से मिलने वाली फीस से बोर्ड का यह ढांचा खड़ा हुआ है, इसे किसी भी सूरत में बंद नहीं होने देंगे।