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डीसी ने निडाना में किया जर्जर पीएचसी से लेकर करोड़ों के जलघर का निरीक्षण, तुरंत शिफ्ट करने के निर्देश

बीडीपीओ को दो दिन में पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाने को कहा जन-सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने बृहस्पतिवार को बिना पूर्व सूचना के निडाना...

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निडाना के जलघर का निरीक्षण करते डीसी मोहम्मद इमरान रजा। -हप्र
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बीडीपीओ को दो दिन में पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाने को कहा

जन-सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने बृहस्पतिवार को बिना पूर्व सूचना के निडाना गांव का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदहाल स्थिति और करोड़ों की लागत से बने जलघर के बावजूद पेयजल संकट ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी।

उपायुक्त को पीएचसी भवन में सीलन, दीवारों व छत में दरारें, फर्श की खराब हालत तथा प्रकाश व वायु संचार की अपर्याप्त व्यवस्था मिली। मरीजों, विशेषकर महिला एवं बाल मरीजों व स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने पीएचसी को तुरंत किसी सामुदायिक भवन या धर्मशाला में अस्थायी रूप से शिफ्ट करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने बीडीपीओ को दो दिन में पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाकर शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी करने को कहा। साथ ही पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता को अस्थायी स्थान पर ओपीडी, जांच, दवा वितरण और महिला-बाल मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक अस्थायी कैबिन बनाने के निर्देश दिए।

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डीसी ने सिविल सर्जन को भी निर्देश दिए कि उनकी निगरानी में पीएचसी को शीघ्र शिफ्ट किया जाए तथा आवश्यक उपकरण, दवाइयां, फर्नीचर और अभिलेख सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किए जाएं। उल्लेखनीय है कि निडाना में पीएचसी का नया भवन निर्माणाधीन है, जिसे पूरा होने में अभी एक वर्ष से अधिक समय लगेगा।

निजी पेयजल सप्लाई से प्यास बुझाने को मजबूर

इसके बाद उपायुक्त ने जन स्वास्थ्य विभाग के जलघर का निरीक्षण किया। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव के करीब 70 प्रतिशत लोग निजी पेयजल सप्लाई पर निर्भर हैं। गांव में लगे पांच ट्यूबवेल ग्रामीणों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। डीसी ने जलघर परिसर की सफाई, टैंकों की नियमित देखरेख और आसपास की झाड़ियों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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